प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर : महाराष्ट्र में वर्ष 2026 के विधान परिषद (MLC) चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन घुग्घुस नगर परिषद क्षेत्र में अब भी मुख्य सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति लगाए गए राजनीतिक और प्रचारात्मक बैनर खुलेआम दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति ने नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली और चुनावी नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 18 मई 2026 को महाराष्ट्र की स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र की विधान परिषद सीटों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई थी। इसके बावजूद घुग्घुस शहर में अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर अब भी लगे होने से यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में इतना विलंब क्यों कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन घुग्घुस में नियमों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा। कई लोगों ने आरोप लगाया कि यदि आम नागरिक बिना अनुमति कोई बोर्ड या बैनर लगाता है तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन राजनीतिक बैनरों के मामले में प्रशासन की भूमिका नरम नजर आ रही है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे इन बैनरों को लेकर अब नगर परिषद प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है। नागरिकों के बीच यह चर्चा है कि क्या प्रशासन जानबूझकर कार्रवाई टाल रहा है या फिर चुनावी नियमों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
इस संबंध में नगर परिषद के संबंधित अधिकारी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि वे मीटिंग के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। अधिकारी ने कहा कि “बैनर हटाने की कार्रवाई के लिए संबंधित अन्य अधिकारी को पत्र दे दिया गया है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।”
हालांकि, अधिकारी के इस बयान के बाद भी लोगों में असंतोष बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि आचार संहिता लागू हुए इतने दिन बीत जाने के बावजूद यदि प्रशासन केवल पत्राचार तक सीमित है, तो यह चुनाव आयोग के निर्देशों की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
अब देखना यह होगा कि नगर परिषद प्रशासन वास्तव में सख्त कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा।




