कोलकाता : भारत में रियल एस्टेट सेक्टर का हर बड़ा उछाल हमेशा एक खास पैटर्न पर चलता है। इसकी शुरुआत अक्सर अविश्वास से होती है, जिसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होता है और अंत में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए पैसा आता है। जब तक आम बाजार इस बदलाव को पूरी तरह समझ पाता है, तब तक नई कीमतों पर एंट्री करने का मौका हाथ से निकल चुका होता है। वर्तमान में कोलकाता बिल्कुल इसी निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। दशकों तक देश के सबसे कम आंके गए महानगरों में से एक रहने के बाद, अब कोलकाता एक नए विकास चक्र की ओर बेहद तेज गति से बढ़ रहा है।
शहरी विकास के इस बदलते दौर में अब खरीदारों की सोच पारंपरिक आवास (अपार्टमेंट) से हटकर ऐसी जमीनों या संपत्तियों की ओर मुड़ रही है जिनकी उपलब्धता बेहद सीमित है। इस श्रेणी में ‘रिवरफ्रंट डेवलपमेंट’ यानी नदी के किनारे स्थित रियल एस्टेट का महत्व सबसे ज्यादा माना जा रहा है। दुनिया भर के बड़े शहरों में नदी के अग्रभाग (वॉटरफ्रंट) की जमीनें भौगोलिक सीमाओं के कारण बेहद सीमित होती हैं, जिससे समय के साथ इनके मूल्यों में भारी बढ़ोतरी होती है। कोलकाता में गंगा नदी के साथ लोगों का गहरा सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है, लेकिन अब तक बहुत कम प्रोजेक्ट्स ने निवासियों को नदी के किनारे रहने का यह वास्तविक और आलीशान अनुभव दिया है।
बाजार के इसी दीर्घकालिक दृष्टिकोण को समझते हुए प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी एल्कॉव रियल्टी ने श्रीरामपुर में ‘न्यू कोलकाता’ नदी के किनारे रहने के अनुभव को सिर्फ एक लग्जरी सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि जिंदगी जीने के एक बेहद निजी तरीके के तौर पर पेश करता है। जहाँ नदी कभी-कभी मिलने वाली अनुभव के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है। यहाँ रहने वाले लोग सुबह उठते ही नदी के नजारों का बिना किसी रुकावट के दीदार करते हैं, नदी के किनारे अपनी निजी जगह का आनंद लेते हैं, पानी के पास बैठकर परिवार के साथ यादगार पल बिताते हैं, और कोलकाता के सबसे शाश्वत भावनात्मक आधारों में से एक से जुड़े रहते हैं।
एल्कॉव रियल्टी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर यशस्वी श्रॉफ के अनुसार, रियल एस्टेट में सबसे बड़े और मुनाफे वाले अवसर तब पैदा होते हैं जब कोई शहर बदलाव के दौर से गुजर रहा होता है, न कि उसके पूरी तरह बदल जाने के बाद। बुनियादी तौर पर दुर्लभ और गहरा भावनात्मक महत्व रखने वाली ऐसी संपत्तियां बाजार के परिपक्व होने के बाद भी हमेशा शाश्वत बनी रहती हैं क्योंकि उन्हें दोबारा नहीं बनाया जा सकता। एल्कॉव रियल्टी कोलकाता के शहरी क्षितिज को आधुनिक रूप देने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
एल्कॉव रियल्टी के बारे में:
एल्कॉव रियल्टी ने कोलकाता के स्काईलाइन (शहरी क्षितिज) को आकार देने में एक निर्णायक भूमिका निभाई है। कंपनी ने ऐसे ऐतिहासिक प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं जिन्होंने डिजाइन, इनोवेशन और जीवनशैली के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कंपनी के पोर्टफोलियो में ‘सिद्धार्थ – द क्राउन ऑफ अलीपुर’, ‘द 42’ (पूर्वी भारत की सबसे ऊँची आवासीय इमारत), रिवरसाइड टाउनशिप ‘एल्कॉव न्यू कोलकाता’, आने वाला अल्ट्रा-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द कर्व’, जैसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। ये सभी प्रोजेक्ट्स इस बात को दर्शाते हैं कि कंपनी पूरे क्षेत्र में ऐतिहासिक और बेजोड़ डेस्टिनेशन्स बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।




