प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस/चंद्रपुर : महाराष्ट्र में इन दिनों भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की भक्ति का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर राज्यभर में वारकरी परंपरा की भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में घुग्घूस में भी भक्तिमय वातावरण बनना शुरू हो गया है।
पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के उपलक्ष्य में घुग्घूस से विदर्भ के पंढरपुर माने जाने वाले श्री तीर्थक्षेत्र वढा तक भव्य पदयात्रा (पायदल वारी) का आयोजन किया गया है। यह यात्रा शनिवार, 25 जुलाई 2026 को प्रातः 9:00 बजे गांधी चौक, घुग्घूस से प्रारंभ होगी।
भजन-कीर्तन, “विठ्ठल-विठ्ठल जय हरी विठ्ठल” के गगनभेदी जयघोष, ढोल-ताशों की मंगल धुन और पारंपरिक लेझीम पथक के साथ श्रद्धालु विठ्ठल नाम का स्मरण करते हुए यात्रा पर निकलेंगे। पूरी यात्रा के दौरान भक्ति, अनुशासन और वारकरी परंपरा की अनुपम छटा देखने को मिलेगी।
यात्रा का मार्ग गांधी चौक, घुग्घूस – बैंक ऑफ इंडिया – पुलिस स्टेशन – बस स्टैंड – पांढरकवडा – श्री तीर्थक्षेत्र वढा रहेगा, जहां विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का समापन होगा।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से इस आध्यात्मिक यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यह केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि भगवान विठ्ठल के प्रति अटूट श्रद्धा, सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश देने वाली पावन वारी है।
समस्त वारकरी संप्रदाय, घुग्घूस (ता. जि. चंद्रपुर) की ओर से सभी विठ्ठल भक्तों से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस भक्तिमय आयोजन में परिवार सहित सहभागी बनें, विठ्ठल नाम का स्मरण करें और अपने जीवन को भक्ति एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करें।
“पाऊले चालती पंढरीची वाट… विठ्ठल नाम ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। आइए, इस पावन अवसर पर विठ्ठल चरणों में श्रद्धा अर्पित कर भक्ति की इस अविरल धारा का हिस्सा बनें।”




