दुर्ग : इतिहास की अमूल्य धरोहर के रूप में महात्मा गांधी जी द्वारा वर्ष 1935 में लिखी गई एक हस्तलिखित चिट्ठी दुर्ग में प्राप्त हुई है। इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज को श्री अशोक ताम्रकार ने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह को अवलोकन हेतु प्रस्तुत किया।
बताया गया कि यह चिट्ठी स्वतंत्रता आंदोलन के दौर की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी हुई है, जो उस समय की सामाजिक एवं राष्ट्रीय परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दस्तावेज के सामने आने के बाद प्रशासन एवं इतिहास प्रेमियों में उत्साह का वातावरण है।
भारत सरकार द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” के अंतर्गत देशभर में प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ अभिलेखों को डिजिटलाइज कर सुरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस हस्तलिखित पत्र को भी डिजिटल रूप में संरक्षित किए जाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक विरासत से परिचित हो सकें।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास भी किसी प्रकार के प्राचीन दस्तावेज, पांडुलिपियां या ऐतिहासिक सामग्री उपलब्ध हो, तो उन्हें संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के लिए प्रशासन को उपलब्ध कराएं।




