प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस/चंद्रपुर: घुग्घूस नगर परिषद के प्रभाग क्रमांक 4 और 5 को जोड़ने वाला सरकारी अस्पताल के पीछे तथा डोर अस्पताल के सामने से गुजरने वाला प्रमुख सीमेंट मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली के कारण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कभी आवागमन के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला यह मार्ग अब बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। मार्ग के दोनों ओर खुली नालियों में गंदा पानी निरंतर बहता रहता है। कई बार संतुलन बिगड़ने से दोपहिया चालक और पैदल यात्री इन नालियों में गिर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक इस सड़क की मरम्मत या नालियों की व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग प्रभाग क्रमांक 4 और 5 को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ लॉयड मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के आवागमन का भी प्रमुख रास्ता माना जाता है। इस मार्ग पर कंपनी की गतिविधियों के कारण दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है तथा सुरक्षा बल भी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड के माध्यम से सड़क की मरम्मत या बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए अब तक कोई पहल न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि दोनों प्रभागों के जनप्रतिनिधि क्षेत्र के विकास के दावे तो करते हैं, लेकिन इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग की दयनीय स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। ऐसे में विकास के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
क्षेत्रवासियों ने शासन, प्रशासन, नगर परिषद तथा लॉयड मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड से संयुक्त रूप से इस मार्ग का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने, पुराने सीमेंट मार्ग के स्थान पर मजबूत सड़क बनाने, दोनों ओर अंडरग्राउंड नालियों का निर्माण करने तथा सड़क किनारे जमा कूड़ा-कचरा हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते इस मार्ग की मरम्मत और आवश्यक विकास कार्य नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन, नगर परिषद और संबंधित कंपनी आम नागरिकों की इस गंभीर मांग पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं।




