घुग्घुस/चंद्रपुर: शहर के प्रमुख भारतीय संविधान चौक के विकास, विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शिवसेना (शिंदे गुट) के शहर प्रमुख महेश लटारी डोंगे तथा ब्रिथ ऑफ लाइफ मल्टीपरपज सोसायटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रणयकुमार शंकर बंडी ने चौक का विस्तार कर उसके मध्य में आकर्षक भारतीय स्तंभ स्थापित करने की मांग की है, ताकि चौक शहर की पहचान के रूप में विकसित हो सके और लोगों को आकर्षित करे।
महेश लटारी डोंगे ने कहा कि भारतीय संविधान चौक शहर का अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यस्त क्षेत्र है। चौक से कुछ ही दूरी पर घुग्घुस पुलिस स्टेशन, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णाकृति प्रतिमा, नायब तहसीलदार कार्यालय, सरकारी अस्पताल, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड, एसीसी अडानी सीमेंट कंपनी, बैंक ऑफ इंडिया, नगर परिषद कार्यालय, सीडीसीसी बैंक, स्कूल तथा प्रमुख बाजार स्थित हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों के बीच स्थित इस चौक का आधुनिक तरीके से विकास और सौंदर्यीकरण शहर की गरिमा बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने सुझाव दिया कि चौक का चौड़ीकरण कर सड़क के बीचों-बीच आकर्षक भारतीय स्तंभ का निर्माण किया जाए। साथ ही हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित कर इसे शहर का प्रमुख आकर्षण बनाया जाए। उन्होंने नगर परिषद की नगराध्यक्ष, बांधकाम सभापति, नियोजन एवं विकास सभापति तथा मुख्याधिकारी से विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
महेश ने यह भी कहा कि यदि नगर परिषद के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, तो शहर की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड, एसीसी अडानी सीमेंट कंपनी और डब्ल्यूसीएल को अपने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) फंड के माध्यम से इस परियोजना में योगदान देना चाहिए, जिससे चौक को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप दिया जा सके।
वहीं, ब्रिथ ऑफ लाइफ मल्टीपरपज सोसायटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रणयकुमार शंकर बंडी ने कहा कि भारतीय संविधान चौक पर लगे बैनरों के कारण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णाकृति प्रतिमा कई बार दिखाई नहीं देती, जिससे चौक की सुंदरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर परिषद घुग्घुस और जिला कलेक्टर कार्यालय, चंद्रपुर को कई बार लिखित निवेदन देकर प्रतिमा के सामने और चौक पर लंबे समय तक लटकने वाले अवैध एवं पुराने बैनरों को हटाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
प्रणयकुमार ने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए चौक पर लंबे समय तक लगे रहने वाले बैनरों को तत्काल हटाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि भारतीय संविधान चौक केवल यातायात का केंद्र नहीं, बल्कि शहर की पहचान भी है। यदि इसका नियोजित विकास और सौंदर्यीकरण किया जाए तो यह घुग्घुस की नई पहचान बन सकता है।
दोनों सामाजिक प्रतिनिधियों ने प्रशासन, नगर परिषद और उद्योग समूहों से संयुक्त पहल करते हुए भारतीय संविधान चौक के विकास, सौंदर्यीकरण और स्वच्छता के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।




