प्रणयकुमार बंडी
चंद्रपुर : जिला परिषद चंद्रपुर के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के रिक्त पद गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने 251 सेवानिवृत्त शिक्षकों की अस्थायी रूप से संविदा आधार पर नियुक्ति की है। हालांकि यह निर्णय तत्काल राहत देने वाला माना जा रहा है, लेकिन जिले में कुल 731 रिक्त पदों की तुलना में यह संख्या काफी कम है। ऐसे में स्थायी शिक्षक भर्ती की आवश्यकता एक बार फिर प्रमुखता से सामने आई है।
महाराष्ट्र शासन के स्कूल शिक्षा एवं खेल विभाग के निर्देशों तथा 7 जुलाई 2023 और 4 नवंबर 2025 के शासन आदेशों के अनुसार जिला परिषद चंद्रपुर ने पात्र सेवानिवृत्त शिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन पत्रों की जांच, पात्रता सत्यापन तथा पंचायत समिति स्तर पर काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद समूह शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत चयन सूची के आधार पर 251 शिक्षकों की नियुक्ति की गई।
इसके बावजूद जिले के प्राथमिक विद्यालयों में आज भी 731 शिक्षक पद रिक्त हैं। इनमें से केवल 251 पद भरे जाने के बाद भी लगभग 480 पद अब भी खाली रहेंगे। इससे कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी रहने की आशंका है और एक ही शिक्षक पर कई कक्षाओं का शैक्षणिक भार पड़ने की स्थिति भी जारी रह सकती है।
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से लाभदायक हो सकता है, लेकिन संविदा नियुक्ति कोई स्थायी समाधान नहीं है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नियमित भर्ती के माध्यम से सभी रिक्त पदों को भरना समय की आवश्यकता है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने पर शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
उप शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), जिला परिषद चंद्रपुर के अनुसार शेष रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर जारी है। पात्र सेवानिवृत्त शिक्षकों की उपलब्धता और नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे भी नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को निरंतर, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिला परिषद आवश्यक प्रशासनिक कदम लगातार उठा रही है।
इस बीच अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने मांग की है कि सरकार अस्थायी उपायों के साथ-साथ नियमित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा करे, ताकि सभी रिक्त पद जल्द से जल्द भरे जा सकें। उनका कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रशिक्षित एवं स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति ही सबसे प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान है।




