Public Outrage Over Heavy Vehicle Traffic in Tilaknagar
ट्रक-हाइवा की दिन-रात आवाजाही से विद्यार्थी, कामगार और नागरिक परेशान;
नगर परिषद व पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रतिबंध की मांग
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस, चंद्रपुर : घुग्घूस के तिलकनगर परिसर से दिन-रात बड़े पैमाने पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। ट्रक, हाइवा तथा कोयला और रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों के कारण नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस समस्या को लेकर तिलकनगर परिसर के नागरिकों की ओर से 10 सितंबर 2026 को घुग्घूस नगर परिषद के मुख्याधिकारी को लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
नागरिकों के अनुसार, तिलकनगर मार्ग से लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इन वाहनों के कारण धूल, यातायात बाधित होने और सड़क पर असुरक्षित परिस्थितियां निर्माण होने की शिकायत है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय स्कूल जाने-आने वाले विद्यार्थियों तथा ड्यूटी पर जाने और वापस लौटने वाले कामगारों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे समय में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से दुर्घटना का खतरा बढ़ने की आशंका नागरिकों ने व्यक्त की है।

‘प्रशासन हादसे का इंतजार तो नहीं कर रहा?’
नागरिकों का सवाल है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा या उससे पहले ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे? यदि किसी मार्ग पर विद्यार्थियों, कामगारों और आम नागरिकों की नियमित आवाजाही होती है और उसी मार्ग से भारी वाहनों का दिन-रात आवागमन जारी है, तो उनकी सुरक्षा के लिए यातायात नियोजन की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
नागरिकों ने प्रशासन से केवल समस्या दर्ज करने के बजाय ठोस और स्थायी समाधान की मांग की है। आवेदन में भारी परिवहन करने वाले वाहनों के लिए उचित समय-सीमा निर्धारित करने अथवा आवश्यकता होने पर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग
आवेदन में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। साथ ही तिलकनगर परिसर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक उपाय तत्काल लागू करने का आग्रह किया गया है।
नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल यातायात की समस्या नहीं बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए नगर परिषद और पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करनी चाहिए तथा भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
इस आवेदन की प्रतिलिपि घुग्घूस पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर को भी दी गई है। अब देखना यह है कि नागरिकों की शिकायत पर प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या वास्तव में तिलकनगर की सड़क पर भारी वाहनों के नियमन के लिए ठोस कदम उठाता है।
यह आवेदन विनोद जंजर्ला, मनमोहन महाकाली, राजू चौधरी, रोहित गोर्रे, निखिल, राहुल, दीपक, वर्षित, वंशी, दुर्गास्वामी, संपत, विशाल, रवी आदि नागरिकों की ओर से दिया गया है।




