Buddha Vihar Committee Complains to Police; Demands Case Against Those Who Damaged Cement-Concrete Road
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत सरकारी निधि से बनी सड़क को नुकसान पहुंचाने का आरोप; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर: घुग्घुस के शांतिनगर स्थित बोधिसत्व बुद्ध विहार एवं ध्यान साधना केंद्र के सामने बनी सीमेंट-कंक्रीट सड़क को कथित रूप से तोड़े जाने के मामले ने अब पुलिस तक दस्तक दी है। बुद्ध विहार समिति, शांतिनगर एवं उपासकों की ओर से 10 सितंबर 2026 को घुग्घुस पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत देकर सड़क तोड़ने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पुलिस निरीक्षक, घुग्घुस पुलिस स्टेशन को दिए गए शिकायत पत्र में समिति ने बताया कि मौजा घुग्घुस स्थित विविध सर्वे क्रमांक की क्षेत्र से शांतिनगर स्थित बोधिसत्व बुद्ध विहार के सामने से होकर जाने वाला प्रमुख मार्ग शांतिनगर और बुद्ध विहार तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।

प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना से हुआ था सीमेंटीकरण
समिति के अनुसार, उक्त मार्ग का सीमेंटीकरण वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के अंतर्गत सरकारी निधि से किया गया था। अब इसी मार्ग को कथित रूप से तोड़े जाने पर समिति ने आपत्ति जताई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरकारी निधि से निर्मित सीमेंट-कंक्रीट सड़क को आवश्यक अनुमति एवं प्रक्रिया का पालन किए बिना तोड़ा गया। समिति ने इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
अनुमति को लेकर समिति ने उठाए सवाल
बुद्ध विहार समिति ने शिकायत में सवाल उठाया है कि यदि सड़क को तोड़ने की कार्रवाई की गई, तो इसके लिए संबंधित सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। समिति का आरोप है कि जिलाधिकारी की अनुमति के बिना सड़क तोड़ने की कार्रवाई की गई।
इसी आधार पर समिति ने पुलिस प्रशासन से सड़क तोड़ने की कार्रवाई के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
सरकारी संपत्ति के नुकसान की जांच की मांग
समिति का कहना है कि सार्वजनिक निधि से निर्मित सड़क को नुकसान पहुंचने की स्थिति में सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन भी किया जाना चाहिए। साथ ही यह स्पष्ट होना चाहिए कि सड़क तोड़ने का आदेश किसके स्तर से दिया गया, कार्रवाई में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
खबर लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित नगर परिषद प्रशासन, अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




