(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर : वढ़ा क्षेत्र में चल रहा अवैध रेत उत्खनन अब बिल्कुल बेखौफ़ हो चुका है। सूत्रों के अनुसार पिछले कई दिनों से दिन-रात 24 घंटे रेत निकाली जा रही है, ट्रैक्टर-ट्रक बेधड़क दौड़ रहे हैं और पूरा कारोबार खुलेआम चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग “चुनाव में व्यस्तता” का बहाना बनाकर पूरी तरह आँखें मूँदे बैठे हैं। इसी लापरवाही का फायदा रेत माफिया उठा रहे हैं और खुलेआम बाजार में मनमाने दाम वसूल कर जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
आम नागरिकों के लिए मकान निर्माण जैसी बुनियादी जरूरतें भी महंगी पड़ रही हैं, पर अधिकारी व विभाग अपनी चिर-परिचित चुप्पी नहीं तोड़ रहे। क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि इस अवैध कारोबार को कुछ “आजी-माजी नेताओं” का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए कार्रवाई की फाइलें हमेशा की तरह धूल खा रही हैं। सवाल यह उठता है कि जब पूरा गांव, कस्बा और क्षेत्र इस खुले गोरखधंधे को देख रहा है, तो अधिकारियों को यह नज़र क्यों नहीं आता?
इधर, चंद्रपुर LCB की लगातार घुग्घुस क्षेत्र में आवाजाही ने लोगों में उम्मीद तो जगाई है कि कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन कार्रवाई कब होगी, होगी भी या नहीं—यह अभी भी सवाल बना हुआ है। फिलहाल, नुक्कड़-चौराहों पर चर्चा गरम है कि प्रशासन की चुप्पी कहीं रेत माफिया की ढाल तो नहीं बन रही।
अगर अधिकारी समय रहते हस्तक्षेप नहीं करते, तो यह अवैध रेत माफिया और अधिक ताकतवर होकर क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को खोखला करता रहेगा—और उसकी कीमत आम जनता चुकाती रहेगी।




