प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस/चंद्रपुर: देशभर में चर्चित NEET पेपर लीक मामले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन, समाजसेवी एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार (23 जुलाई 2026) को घुग्घूस शहर में सर्वदलीय बंद का आयोजन किया गया। बंद का शहर में व्यापक असर देखने को मिला और आंदोलनकारियों की अपील पर अधिकांश बाजार व व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे।
आंदोलनकारियों ने शहर में पैदल भ्रमण कर व्यापारियों से शांतिपूर्ण ढंग से बंद में सहयोग करने की अपील की, जिसे व्यापारियों और नागरिकों ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। इसके बाद गांधी चौक पर एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहां NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है तथा छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राजुरेड्डी के नेतृत्व में आयोजित आंदोलन में घुग्घूस नगर परिषद की नगराध्यक्ष दीप्ती सोनटक्के, वरिष्ठ नेता शामराव बोबडे, कांग्रेस नेता सैय्यद अनवर, निर्माण सभापति रोशन पचारे, स्वास्थ्य सभापति नुरूल सिद्दीकी, वंचित बहुजन आघाड़ी के वरिष्ठ नेता नागेश पथाडे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के हेमराज बावणे, अमित बोरकर, रोशन दंतलवार, नगरसेवक दिलीप पिट्टलवार, नगरसेविका आशा पानघाटे, नगरसेविका पल्लवी घुले, नगरसेविका वैशाली चिकनकर, नगरसेविका अर्चना सारोकर, नगरसेविका सुनीता पेंदोर, यास्मिन सैय्यद, आयेशा अली बुखारी, पूनम कांबले, मंगला उगे, प्रिती तामगाडगे, अनिरुद्ध आवले, अलीम शेख, कल्याण सोदारी, देव भंडारी, गजानन मासिरकर, बालू चिकनकर, अजय उपाध्ये, शेखर तंगडपल्ली, प्रशांत सारोकर, गणेश पानघाटे, शहजाद शेख, कुमार रुद्रारप, दिपक कांबले, सुनील पाटील, निखिल पुनघंटी, शामिउद्दीन शेख, अरविंद चहादे, बालकिशन कुलसंगे, अनवर सिद्दीकी और बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
सभा के अंत में आंदोलनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों की सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक आंदोलनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। आंदोलन पूरे समय शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।




