नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की शाम आज विठ्ठल भक्ति के रंग में सराबोर हो गई। महाराष्ट्र सदन, सरहद (पुणे) और महाराष्ट्र परिचय केंद्र (नई दिल्ली) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष भक्ति संध्या ‘माझे माहेर पंढरी’ का आयोजन अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र की संत परंपरा और पंढरपुर वारी की आध्यात्मिक विरासत पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री ‘पंढरपूर वारी : संतांच्या पाऊलखुणा’ का प्रदर्शन भी किया गया, जिसका निर्माण महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय ने वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के सहयोग से किया है।
महाराष्ट्र सदन के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उद्योग एवं मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता शरद पवार, प्रतिभा पवार, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, मेधा कुलकर्णी, बजरंग सोनवणे, भाऊसाहेब वाकचौरे, रामराव वडकुते, श्रीरंग बारणे, राजेंद्र जैन, ओमराजे निंबाळकर सहित केंद्र सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
शमीमा अख्तर की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध गायिका शमीमा अख्तर रहीं। कश्मीर घाटी की शमीमा अख्तर ने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ में “माझे माहेर पंढरी”, “आजी सोनियाचा दिनू” तथा मराठी गौरव गीत “लाभले आम्हास भाग्य बोलतो मराठी” सहित अनेक अभंग प्रस्तुत किए। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और हर प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
‘पंढरपुर वारी: संतों के पदचिह्नों पर’ डॉक्यूमेंट्री का विशेष प्रदर्शन
इस अवसर पर ‘Pandharpur Wari: In The Footsteps of Saints’ शीर्षक से तैयार विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। यह डॉक्यूमेंट्री महाराष्ट्र की ऐतिहासिक संत परंपरा, पंढरपुर वारी की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाती है। इसे मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम सहित नौ भाषाओं में तैयार किया गया है। यह डॉक्यूमेंट्री सार्क देशों के अलावा डिस्कवरी, डिस्कवरी एचडी, टीएलसी, एनिमल प्लैनेट और आईडी जैसे विभिन्न चैनलों पर भी प्रसारित की जाएगी।
कार्यक्रम का प्रारंभिक संबोधन ‘सरहद’ के संस्थापक अध्यक्ष संजय नहार ने किया। आयोजन को सफल बनाने में महाराष्ट्र सरकार की निवासी आयुक्त डॉ. श्वेता सिंघल, महाराष्ट्र परिचय केंद्र के निदेशक हेमराज बागुल, ‘सरहद’ के समन्वयक लेशपाल जवळगे और शैलेश पगारिया का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर महाराष्ट्र सदन के सहायक निवासी आयुक्त नितीन शेंडे, स्मिता शेलार, जनसंपर्क अधिकारी मनीषा पिंगळे, प्रबंधक प्रमोद कोलपते सहित महाराष्ट्र परिचय केंद्र के अधिकारी, कर्मचारी, दिल्ली के मराठी समाज के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र सदन का वातावरण विठ्ठल भक्ति, अभंगों और संत परंपरा की भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने महसूस किया कि मानो दिल्ली में ही पंढरपुर की पावन वारी साकार हो उठी हो।




