चंद्रपुर : नगर परिषद कार्यालय, घुग्घुस द्वारा एक सार्वजनिक चेतावनी पत्र जारी किया गया है, जिसमें नागरिकों को बरसात के मौसम को देखते हुए जर्जर और खतरनाक इमारतों को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है। यह चेतावनी महाराष्ट्र नगरपरिषद, नगरपंचायत व औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 की धारा 264 के तहत जारी की गई है।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि शहर में कुछ इमारतें पुरानी होने के कारण खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी हैं और इनका उपयोग करना जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे सभी मकानों के मालिकों को तत्काल इमारतें खाली करने और आवश्यकतानुसार उन्हें गिराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्याधिकारी निलेश रंजनकर द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी मकान को खतरनाक घोषित किया गया है और फिर भी उसमें रहना जारी रखा गया तो किसी प्रकार की जनहानि या वित्तीय नुकसान के लिए नगर परिषद जिम्मेदार नहीं होगी। ऐसे मकानों के गिरने की स्थिति में मकान मालिक ही पूरी तरह उत्तरदायी होंगे।
इस नोटिस में नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे मकानों को तुरंत खाली करें और नगर परिषद के निर्देशों का पालन करें।




