चंद्रपुर जिले में पिछले एक साल के दौरान अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में संलिप्त 1668 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करनेवाले 151 शराब दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 129 अनुज्ञप्तिधारकों (लाइसेंसधारकों) पर कुल 47 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, गंभीर मामलों में 15 दुकानों को 5 से 15 दिनों तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 963 मामलों में 773 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनसे 42 वाहन और 98 लाख 95 हजार रुपये का माल जब्त किया गया था। लेकिन 2024-25 के शुरुआती महीनों में ही यह आंकड़ा दोगुना हो चुका है। अब तक 1840 मामलों में 1668 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और 135 वाहनों समेत 1 करोड़ 9 लाख 11 हजार रुपये का सामान जब्त किया गया है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र दारूबंदी कानून की धारा 93 के तहत 249 पेशेवर अपराधियों से अच्छे आचरण का बंधपत्र भरवाने के लिए प्रस्ताव उपविभागीय दंडाधिकारियों के पास भेजे गए हैं।
नियम उल्लंघन पर भारी जुर्माना
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग द्वारा अप्रैल 2024 से मई 2025 के बीच की गई औचक जांच में 151 शराब दुकानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इन मामलों में जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. ने 129 दुकानों पर 25,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया है। वहीं, गंभीर मामलों में दुकानों की बिक्री को 15 दिनों तक निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं।
नागरिकों में नाराजगी: “बियर शॉप्स में बार जैसी व्यवस्था”
हालांकि, इन कार्यवाहियों के बीच अब आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में यह चर्चा है कि सिर्फ कार्रवाई की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है। असल में बियर शॉप्स में बियर बार जैसी सुविधाएं खुलेआम संचालित हो रही हैं। कई दुकानें तड़के सुबह ही खुल जाती हैं और लोग सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
इसके अलावा, कई विक्रेता मुख्य रास्ते की बजाय पीछे के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी होती है। आरोप यह भी है कि अधिकारी मौके पर पहुंचने से पहले ही अवैध शराब कारोबारी सतर्क हो जाते हैं, जिससे कार्रवाई का असर कम हो जाता है।
शिकायत करने का आग्रह
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अधीक्षक नितिन धार्मिक ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें अपने क्षेत्र में अवैध शराब की कोई जानकारी मिलती है, तो वे टोल फ्री नंबर 18002339999 या व्हाट्सएप नंबर 8422001133 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि डिजिटल, ईमेल या व्हाट्सएप पर की गई शिकायतें कितनी प्रभावशाली हैं, और क्या इनका जवाब वास्तव में मिलता है? सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि “कार्रवाई का दिखावा” तो हो रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
जहां एक ओर विभाग द्वारा कार्रवाई के आंकड़े उत्साहजनक हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की शिकायतें यह दर्शाती हैं कि अवैध शराब की समस्या पूरी तरह से जड़ से खत्म नहीं हुई है। अब ज़रूरत है ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई और जवाबदेही की।




