वाराणसी, उत्तर प्रदेश: माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशी में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. अलसुबह से ही भक्तजन गंगा स्नान के लिए उमड़ पड़े और ‘हर हर गंगे’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.
श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य कर अपनी श्रद्धा प्रकट की. मान्यता है कि माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस अवसर पर वाराणसी के दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा और मणिकर्णिका घाट पर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं.
प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं. पुलिस और नगर निगम की टीम लगातार घाटों की निगरानी कर रही है, जिससे स्नान पर्व सुचारू रूप से संपन्न हो सके.
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माघी पूर्णिमा पर विशेष रूप से संत-महात्माओं ने भी गंगा स्नान कर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया. इस अवसर पर गंगा आरती का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया.
ऐसा माना जाता है कि माघी पूर्णिमा से ही प्रयागराज में चल रहे कल्पवास का समापन भी होता है, इसलिए इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है. श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग से संपूर्ण वाराणसी आज भक्ति के रंग में रंगी नजर आई.




