घुग्घुस (चंद्रपुर) : घुग्घुस से तड़ाली और घुग्घुस से वणी मार्ग पर आपातकालीन वाहनों के लिए कोई पर्यायी मार्ग उपलब्ध न होना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है. यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन जानबूझकर इस ओर अनदेखी कर रहा है, या फिर सत्ता पक्ष की मनमानी का नतीजा है?
क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिया के चलते समय-समय पर मार्गों पर गेट बंद किए जाते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर भारी वाहनों की आवाजाही, सड़क दुर्घटनाएं, झगड़े, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, और समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
सड़क पर अव्यवस्था चरम पर
स्थानीय नागरिकों की मानें तो सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है. सड़कें समतल न होने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. पानी का उचित छिड़काव न होने से धूल और प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है. स्कूली छात्र-छात्राओं और कामगारों के आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं. आए दिन झगड़े और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें तलवारें तक निकलने की नौबत आ जाती है.
प्रशासन और नेताओं की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है. क्षेत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है.
कौन जिम्मेदार?
इस स्थिति में सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित अधिकारी, ठेकेदार और जनप्रतिनिधि इन असुविधाओं के दोषी नहीं हैं? क्या घुग्घुस की जनता को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा? प्रशासन कब जागेगा और कब आम नागरिकों को राहत मिलेगी?




