चंद्रपुर : चंद्रपुर जिले में बुधवार को दो अलग-अलग हादसों में नदी में डूबने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इन घटनाओं में तीन सगी बहनें और तीन युवक शामिल हैं, जो स्नान के दौरान पानी की गहराई का अंदाजा न लगा सके और डूब गए. इस घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.
पहली घटना: वैनगंगा नदी में तीन बहनों की मौत
चंद्रपुर-गडचिरोली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित वैनगंगा नदी में चंद्रपुर के बाबूपेठ इलाके का मंडल परिवार स्नान के लिए गया था. दोपहर करीब 1:30 बजे, नहाते समय प्रतीमा प्रकाश मंडल (23), कविता प्रकाश मंडल (22) और लीपीका प्रकाश मंडल (18) गहरे पानी में चली गईं. पानी की गहराई का सही अंदाजा न लगने के कारण वे डूब गईं.
घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे. इसी बीच, उनके चाचा ने हिम्मत दिखाते हुए एक छोटे बच्चे को डूबने से बचा लिया. वहीं, परिवार की एक महिला तेज बहाव में बह गई, लेकिन करीब एक घंटे तक एक चट्टान पकड़कर खुद को बचाए रखा. आपदा राहत दल ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला.
हादसे की सूचना मिलते ही सावली पुलिस स्टेशन के अधिकारी प्रदीप पुल्लरवार, धीरज पीदुरकर, मोहन दासरवार, केवल तुरे और राहुल तुमरेटी मौके पर पहुंचे. बोट की मदद से तीनों बहनों के शवों की तलाश जारी है.
दूसरी घटना: वर्धा नदी में तीन युवकों की मौत
राजुरा तहसील के चुनाळा गांव के पास महाशिवरात्रि के अवसर पर स्नान के लिए गए तीन युवक तुषार शालिक आत्राम (17), मंगेश बंडू चणकापुरे (20) और अनिकेत शंकर कोडापे (18) वर्धा नदी में डूब गए.
खबरों के अनुसार, जब तीनों युवक नदी में उतरे, तो अचानक पानी की गहराई अधिक होने के कारण वे डूबने लगे. उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा. फिलहाल, सर्च ऑपरेशन जारी है, और बचाव दल डूबे हुए युवकों के शवों की तलाश में जुटा हुआ है. खबर लिखें जाने तक अधिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है.
इलाके में शोक, प्रशासन की अपील
इन हादसों के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. प्रशासन ने नागरिकों से नदी में स्नान के दौरान सतर्क रहने और अनजान जगहों पर गहरे पानी में न उतरने की अपील की है.




