घुग्घुस (चंद्रपुर) : घुग्घुस नगरपरिषद को महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) से हस्तांतरित भूमि का कब्जा दिलाने की मांग को लेकर पूर्व उपसरपंच सुधाकर गणपतराव बांदुरकर ने नगरपरिषद प्रशासक एवं मुख्याधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है.
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि घुग्घुस क्षेत्र के विकास के लिए एमआईडीसी द्वारा कुछ भूमि चंद्रपुर जिला परिषद को हस्तांतरित की गई थी, जिसका नक्शा नगररचनाकार विभाग, चंद्रपुर ने तैयार किया था. इस नक्शे में प्राथमिक शाला, बालवाड़ी, प्राथमिक आरोग्य केंद्र, बस स्टैंड, पुलिस स्टेशन, पशु चिकित्सालय, वाणिज्य क्षेत्र, सड़कें और रेलवे लाइनों के लिए भू-क्षेत्र निर्धारित किया गया था. जिला परिषद ने इस भूमि को विभिन्न विभागों को सौंप दिया, और अधिकांश स्थानों पर निर्माण कार्य हो चुका है.
हालांकि, बाद में जब एसीसी सीमेंट फैक्ट्री स्थापित हुई, तो प्राथमिक शाला और बालवाड़ी के लिए आरक्षित भूमि एमआईडीसी द्वारा एसीसी सीमेंट को लीज पर दे दी गई. लेकिन अब तक वहां किसी भी औद्योगिक गतिविधि की शुरुआत नहीं हुई है, और यह भूमि खाली पड़ी है.
अब, घुग्घुस ग्रामपंचायत से नगरपरिषद बन चुका है, और नगरपरिषद के नागरिकों के विकास के लिए इस भूमि की आवश्यकता है. इसलिए, नगररचनाकार विभाग के पुराने नक्शे के आधार पर इस भूमि को नगरपरिषद को सौंपने की मांग की गई है.
अगर नगरपरिषद को यह भूमि जल्द नहीं दी गई, तो नागरिकों के विकास में बाधा उत्पन्न होगी और स्थानीय लोग जनांदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होंगे. इस ज्ञापन की प्रतिलिपि महाराष्ट्र के नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, चंद्रपुर के पालकमंत्री अशोक उईके, जिलाधिकारी चंद्रपुर, एमआईडीसी कार्यालय चंद्रपुर और एसीसी/अडाणी सीमेंट फैक्ट्री घुग्घुस नाम पर है.




