Wednesday, July 8, 2026

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यवतमाल में स्टिंग के दौरान पत्रकार से मारपीट की चर्चा: अवैध डीजल कारोबार, पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा पर उठे सवाल

प्रणयकुमार बंडी

शिरपुर (यवतमाल): वणी तहसील के शिरपुर पुलिस थाना क्षेत्र के साखरा गांव के पास एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारियों के अनुसार, एक पत्रकार होटल की आड़ में कथित रूप से चल रहे अवैध डीजल कारोबार का स्टिंग ऑपरेशन कर रहा था। इसी दौरान होटल संचालक और उससे जुड़े लोगों की नजर पत्रकार पर पड़ने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

सूत्रों के अनुसार, पत्रकार कथित अवैध डीजल खरीद-बिक्री से जुड़े गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। आरोप है कि इससे नाराज होकर होटल संचालक तथा उसके सहयोगियों ने पत्रकार को घेर लिया, उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, पत्रकार का मोबाइल फोन छीन लेने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के बाद पत्रकार ने शिरपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इधर, क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि कथित अवैध कारोबार से जुड़े लोग अब स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार के खिलाफ कथित रंगदारी (खंडनी) मांगने जैसे आरोप लगाकर पलटवार की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिरपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि होटल की आड़ में वास्तव में अवैध डीजल कारोबार संचालित हो रहा था, तो केवल मारपीट का मामला दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यवतमाल के पुलिस अधीक्षक तथा शिरपुर पुलिस से कथित अवैध डीजल कारोबार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि कोई पत्रकार जनहित के मुद्दे को उजागर करने का प्रयास करता है और उसके साथ हिंसा होती है, तो यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता पर भी हमला माना जाएगा। वहीं, यदि किसी पक्ष के पास पत्रकार के खिलाफ कोई आरोप हैं, तो उन्हें भी कानून के दायरे में निष्पक्ष जांच के लिए प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में वास्तविक तथ्य क्या सामने आते हैं और कथित अवैध कारोबार तथा पत्रकार से मारपीट के आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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