प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस/चंद्रपुर: घुग्घूस नगर परिषद की सर्वसाधारण सभा दिनांक 29 जून 2026 को नगर परिषद सभागृह में आयोजित की गई। बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन, निर्माण कार्य, सौर ऊर्जा, भूमिगत नालियां, पानी की टंकियां, नए टैंकर की खरीद, विकास आराखड़ा, घनकचरा व्यवस्थापन सहित कुल 23 विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत पिछली सभा की कार्यवाही की पुष्टि से हुई। इसके बाद स्वच्छ सर्वेक्षण 2.0, माजी वसुंधरा अभियान, सेप्टिक टैंक वाहनों के दर निर्धारण, फॉगिंग मशीन के लिए डीजल-पेट्रोल खरीद, नगर परिषद के वाहनों पर जीपीएस लगाने, नगर परिषद के पैनल पर अधिवक्ता नियुक्ति, अग्निशमन विभाग के वाहन की मरम्मत तथा अन्य प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
सभा के दूसरे चरण में एसडब्ल्यूएम सेंटर और यूडब्ल्यूएम साइट पर 20 केवी सोलर रूफटॉप प्लांट, विद्युत विभाग की निविदा अवधि बढ़ाने, हिंदू श्मशानभूमि में 50 हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी, बेलोरा घाट में 30 एचपी पंप खरीद, नया पानी का टैंकर, डीआई पाइपलाइन, अल्ट्रासोनिक फ्लोमीटर, नगर विकास आराखड़ा तैयार करने, शहर के मुख्य मार्ग में बदलाव, जर्जर भवनों पर कार्रवाई तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान विपक्ष के गटनेता मीणा मोरपका और नगरसेवक गणेश पिंपलकर ने नगर परिषद प्रशासन और सत्तापक्ष की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना की। उन्होंने शहर में जाम नालियां, अधूरे विकास कार्य, जलापूर्ति की समस्याएं, स्वच्छता व्यवस्था की खामियां तथा प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण कार्य केवल प्रस्तावों तक सीमित हैं, जबकि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
दोनों विपक्षी नेताओं ने मांग की कि विकास कार्यों में पारदर्शिता लाई जाए, लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा नगर परिषद जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर ठोस कार्रवाई करे।
बैठक के अंत में विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद आवश्यक प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए तथा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कंपनी प्रतिनिधियों और नगर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आया है.




