प्रणयकुमार बंडी
चंद्रपुर जिले के घुग्घुस शहर में इन दिनों डीजल की भारी किल्लत ने आम जनता से लेकर ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों तक सभी को परेशानी में डाल दिया है। शहर के लगभग शत-प्रतिशत डीजल पंपों पर ईंधन की कमी साफ तौर पर देखी जा रही है, जिससे हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा मार ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ रही है। ट्रक, डंपर और अन्य मालवाहक वाहनों के पहिए थमने की कगार पर हैं। ड्राइवरों और वाहन मालिकों को घंटों पंपों के चक्कर लगाने के बावजूद डीजल नहीं मिल पा रहा, जिससे आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। कई छोटे ट्रांसपोर्टर्स ने तो काम बंद करने की चेतावनी तक दे दी है।
पंप संचालकों का कहना है कि वे नियमित रूप से डीजल का ऑर्डर दे रहे हैं, लेकिन सप्लाई बेहद कम मात्रा में हो रही है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस बयान या वैकल्पिक व्यवस्था सामने नहीं आई है, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं—क्या यह वास्तविक संकट है या आपूर्ति प्रबंधन की गंभीर लापरवाही? कुछ लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहा, जबकि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार आने वाले दो दिनों में डीजल आपूर्ति सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन जब तक हालात सुधरते नहीं, तब तक आम नागरिकों और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इस संकट पर काबू पाएगा या फिर यह किल्लत और गहराएगी? फिलहाल, घुग्घुस की सड़कों पर खड़े वाहन और परेशान जनता इस गंभीर स्थिति की गवाही दे रहे हैं।




