घुग्घुस, चंद्रपुर : विजय क्रांति जी.ई.पि.एल. पावर स्थायी कामगार संगठन ने 7 मई 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कामगारों के बकाया अधिकारों के साथ-साथ बेरोजगारी की गंभीर समस्या पर ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
संगठन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी प्रबंधन की लगातार लापरवाही और पुराने प्रोजेक्ट बंद होने की वजह से हजारों कामगारों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। वर्ष 2012-13 से ही प्रोजेक्ट का कामकाज बंद है और 2017 में कंपनी NCLT के अंतर्गत आने के बाद भी स्थायी कामगारों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया है।
संगठन के महासचिव महेंद्र मारोती वडसकर ने कहा, “कामगारों को उनका बकाया वेतन, सेवा सुविधाएँ और रोजगार की गारंटी देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। 18 अगस्त 2025 से प्रोजेक्ट स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया।” इस आंदोलन में किसानों, प्रोजेक्ट प्रभावितों और कामगारों का व्यापक समर्थन मिला। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तय समयसीमा में ठोस निर्णय नहीं लिया तो जिला कार्यालय के सामने बड़े पैमाने पर धरना आंदोलन किया जाएगा।
धरने आंदोलन से पूर्व 08.08.2025 को ज्ञापन की प्रतियां जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपविभागीय अधिकारी और प्रोजेक्ट प्रबंधन को सौंपी गई हैं। संगठन ने अपेक्षा जताई है कि सरकार तात्कालिक हस्तक्षेप कर कामगारों की समस्याओं का समाधान करेगी।
मुख्य मांगें :
कामगारों का बकाया वेतन और सेवा सुविधाएँ अदा की जाएं. बेरोजगार कामगारों को पुनः रोजगार मिले. किसानों और प्रोजेक्ट प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए. पुराने प्रोजेक्ट का पुनरुद्धार किया जाए और रोजगार दिया जाएं.





