देश : ईद-उल-अज़हा (बकरीद) 2026 का पावन पर्व गुरुवार को पूरे देश में धार्मिक श्रद्धा, त्याग, कुर्बानी और भाईचारे के संदेश के साथ मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों, शहरों और कस्बों में सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने विशेष नमाज़ अदा कर अमन, खुशहाली, इंसानियत और देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, मुंबई की बड़ी मस्जिदों, लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह, हैदराबाद की मक्का मस्जिद, भोपाल, पटना, कोलकाता, श्रीनगर, जयपुर, चेन्नई और देश के अन्य प्रमुख शहरों में ईद की नमाज़ बड़े ही अनुशासित और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा और भाईचारे तथा मोहब्बत का संदेश दिया।
ईद-उल-अज़हा इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति सच्ची आस्था का प्रतीक है। इस दिन हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की उस महान कुर्बानी को याद किया जाता है, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम को कुर्बान करने का संकल्प लिया था। उनकी अटूट ईमानदारी और अल्लाह पर भरोसे को देखते हुए अल्लाह ने उनकी कुर्बानी को स्वीकार किया और इंसान की जगह एक जानवर की कुर्बानी का आदेश दिया। तभी से यह पर्व कुर्बानी, इंसानियत और अल्लाह की राह में त्याग के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
धार्मिक विद्वानों और इमामों ने अपने संबोधन में कहा कि ईद-उल-अज़हा केवल जानवर की कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने अंदर मौजूद अहंकार, नफरत, लालच और बुराइयों को त्यागने का भी संदेश देता है। उन्होंने लोगों से समाज में प्रेम, शांति, सहिष्णुता और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
ईद के मौके पर लोगों ने गरीबों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों की मदद कर इंसानियत की मिसाल पेश की। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और मुस्लिम समाज की ओर से भोजन वितरण, कपड़े बांटने और जरूरतमंद परिवारों को सहायता पहुंचाने के कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों और युवाओं में भी ईद को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। नए कपड़े पहनकर बच्चे सुबह से ही ईदगाहों और रिश्तेदारों के घरों में पहुंचते नजर आए।
देशभर में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी। कई स्थानों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
ईद-उल-अज़हा के इस पावन अवसर पर पूरे देश में धार्मिक आस्था, भाईचारे और इंसानियत की सुंदर तस्वीर देखने को मिली। लोगों ने दुआ की कि देश में हमेशा अमन, शांति और सौहार्द बना रहे तथा सभी समुदाय मिल-जुलकर देश की प्रगति में अपना योगदान देते रहें।




