(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर | घुग्घुस से सटे क्षेत्र में स्थित मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड कंपनी के भीतर एक दिल दहला देने वाला औद्योगिक हादसा सामने आया है। कंपनी परिसर में कार्यरत एक युवक का पीसी मशीन की चपेट में आने से पैर दो हिस्सों में कटकर गिर गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल चंद्रपुर इलाज के लिए भेजा गया। युवक पिपरी का निवासी बताया जा रहा है और उसका सरनेम हेपट होने की चर्चा है। खबर लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही हादसे की स्पष्ट वजह बताई गई है।
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कंपनी में व्याप्त लचर सेफ्टी व्यवस्था का नतीजा मानी जा रही है। सवाल यह उठता है कि क्या मशीनों पर काम करते समय पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था? और सबसे अहम—क्या कंपनी प्रबंधन श्रमिकों की जान को लेकर गंभीर है?
स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनी में इस तरह की घटनाएं प्रबंधन की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करती हैं। बार-बार चेतावनी के बावजूद यदि सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जा रही है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
प्रशासन और श्रम विभाग से मांग की जा रही है कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो, और कंपनी की पूरी सेफ्टी ऑडिट तत्काल की जाए।
आज एक युवक ने अपना पैर गंवाया है, कल किसी की जान भी जा सकती है। सवाल साफ है—क्या मुनाफा इंसानी जिंदगी से बड़ा है?
अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।




