नकोडा वार्ड क्रमांक 2 में महावितरण की घोर लापरवाही पर उठे सवाल
(प्रणयकुमार बंडी)
नकोडा (चंद्रपुर) | चंद्रपुर जिले की नकोडा ग्राम पंचायत अंतर्गत वार्ड क्रमांक 2 में महावितरण विभाग की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। यहां लगाया गया बिजली का खंभा नाली से सटा हुआ है और ऊपर से एक ओर झुका हुआ, जो किसी भी समय गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है। यह स्थिति केवल “जोखिम” नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह मार्ग आवागमन का प्रमुख रास्ता है, जहां से रोज़ाना बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में इस खतरनाक खंभे की मौजूदगी किसी भी पल जानलेवा दुर्घटना में बदल सकती है। नाली से सटे खंभे का झुकाव यह साफ संकेत देता है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आधुनिक युग में भी गांवों में वही पुरानी और जर्जर व्यवस्था क्यों थोपी जा रही है? जब शहरों में अंडरग्राउंड केबल सिस्टम, सिंगल केबल व्यवस्था और आधुनिक विद्युत ढांचे की बातें होती हैं, तो नकोडा जैसे क्षेत्रों में यह सुविधा कब पहुंचेगी? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा और जान की कीमत कम आंकी जा रही है?
यह केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि सत्ता और प्रशासन की निष्क्रियता का नतीजा है। वर्षों से सत्ता का लाभ उठा रहे जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब जागेंगे? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही मरम्मत और सुधार की प्रक्रिया शुरू होगी?
ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका साफ कहना है कि यदि समय रहते इस खतरनाक पोल को नहीं हटाया गया या आधुनिक प्रणाली लागू नहीं की गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी महावितरण विभाग, ग्राम पंचायत प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की होगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन नींद से जागता है या फिर किसी दुखद घटना के इंतज़ार में सब कुछ यूं ही चलता रहेगा।




