(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस (चंद्रपुर) : चंद्रपुर महानगरपालिका क्षेत्र में स्थित जर्जर और खतरनाक इमारतों से नागरिकों के जीवन को खतरा देखते हुए प्रशासन द्वारा इन पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मनपा द्वारा ऐसे भवनों को चिन्हित कर उन्हें गिराने की प्रक्रिया जारी है। कई इमारतों को नोटिस भेजी जा चुकी है, और जहां भवन मालिकों ने खुद कोई कदम नहीं उठाया, वहां मनपा ने खुद ही कार्रवाई कर इमारतों को निष्कासित कर गिराना शुरू कर दिया है।
हर वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान प्रशासन द्वारा पुरानी और क्षतिग्रस्त इमारतों को खाली करने की नोटिस दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद कई संपत्ति धारक जान की परवाह किए बिना उन्हीं इमारतों में डटे रहते हैं। इससे न केवल खुद की बल्कि आसपास के नागरिकों की जान को भी खतरा होता है।
महानगरपालिका आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि क्षेत्रीय अधिकारी सभी जर्जर इमारतों का वस्तुनिष्ठ सर्वेक्षण कर उन्हें तत्काल गिराने की कार्रवाई करें। सर्वेक्षण के बाद नोटिस जारी कर दी गई है, और जिन लोगों ने नोटिस मिलने के बावजूद इमारतें खाली नहीं की, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय के मुख्याधिकारी और बांधकाम विभाग की निष्क्रियता भी अब चर्चा का विषय बन गई है। घुग्घुस बस्ती और वेकोली कॉलोनी की कई दुकानें, मकान और क्वार्टर बेहद खस्ताहाल हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों की उदासीनता और तथाकथित नेतागिरी के चलते कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शहर में चर्चा है कि यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी या आम नागरिकों की? शासन और प्रशासन किस पर कार्रवाई करेगा? क्या कोई जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा? ऐसे कई सवाल अब आम नागरिकों के मन में उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि हादसे से पहले ही सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और अधिकारी कब जागते हैं और ठोस कार्रवाई कब होती है।





