Thursday, June 25, 2026

Breathe of Life Multipurpose Society UCO BANK- A/C- 09110110049020, IFSC : UCBA0000911, MICR CODE : 442028501

spot_img
spot_img

धूल से त्रस्त घुग्घुस शहर : नागरिकों की आवाज़ कब सुनी जाएगी?

चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घुग्घुस शहर की सड़कों पर उड़ती धूल और गड्ढों से आम जनता परेशान है। हाल ही में एक जागरूक युवक ने सड़क की खस्ता हालत और उससे हो रही परेशानियों का वीडियो बनाकर मीडिया के प्रतिनिधि को सौंपा। उसने बताया कि घुग्घुस बस स्टॉप क्षेत्र से लेकर म्हातारदेवी मार्ग तक यात्रा करना अब किसी खतरे से कम नहीं रह गया है।

इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। ये वाहन इतनी तेज रफ्तार से चलते हैं कि उनके गुजरने से धूल का गुबार उठता है, जिससे छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी होती है। इसके अलावा, प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी वाहन पार्क किए जाते हैं, जो किसी भी समय दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं। इस स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों का इस ओर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि कोई अनहोनी न हो।

सड़कों पर बिखरी धूल बन रही है शहर की पहचान

शहर में पिछले दो वर्षों से रेलवे उड़ानपुल का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य के चलते लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें ट्रैफिक की समस्या से जल्द राहत मिलेगी। लेकिन काम में हो रही देरी ने लोगों की उम्मीदों को धुंधला कर दिया है। अब ट्रैफिक की समस्या पहले से चार गुना बढ़ चुकी है। पैदल चलने वालों से लेकर छोटे-बड़े वाहनों तक, सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसा प्रतीत होता है कि ठेकेदार को कार्य क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। नियम-कानून ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों की चुप्पी इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना रही है।

गड्ढों से भरे मार्ग और उड़ती धूल: सड़क या संकट?

जोरा ज्वेलर्स से गौसिया कॉम्प्लेक्स (म्हातारदेवी रोड) और सुभाष नगर से लेकर आर.आर. चौक तक का हाल तो और भी बुरा है। नागरिकों को समझ नहीं आता कि सड़क गड्ढों में है या गड्ढे सड़क में। सड़क पर धूल है या धूल में सड़क छिप गई है, यह आम आदमी के लिए अब समझना मुश्किल हो गया है।

शिकायतें अनसुनी, सवाल अनगिनत

अखबारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कई बार इस गंभीर विषय को उजागर किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि वे समय-समय पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन असल जरूरत है बुनियादी ढांचे और सड़क व्यवस्था को सुधारने की।

अब सवाल यह उठता है कि आम नागरिक की आवाज कब सुनी जाएगी? कब शहर की सड़कों को सुरक्षित और धूलमुक्त बनाया जाएगा?

spot_img

Pranaykumar Bandi

WhatsApp No - 9112388440
WhatsApp No - 9096362611
Email id: vartamanvarta1@gmail.com

RELATED ARTICLES
Today News

Breaking News

Crime News