चंद्रपुर : स्कूली बच्चों को अचानक आने वाले अश्लील विज्ञापनों, गंदे वीडियो से बचाएं और राज्यसभा में कानून बनाएं. ऐसा ही एक ज्ञापन दिनांक: 2.4.2023 को घुग्घुस के इबादुल सिद्दीकी द्वारा शरद चंद्रजी पवार, राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्य सभा सदस्य, नई दिल्ली को दिया गया.

ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अचानक मोबाइल पर आने वाले अश्लील लिंक, विज्ञापनों, गंदे वीडियो से स्कूली बच्चे प्रभावित हो रहे हैं. गूगल की ओर से इसे रोकने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए.
सभी घरों में छोटे-बड़े बच्चों के हाथों में मोबाइल फोन है और कोविड के आने के बाद बच्चों की स्कूली पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. इसके लिए अभिभावकों को स्कूल संस्थानों ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन लाने को कहा. इसलिए सभी उम्र के बच्चों को मोबाइल पर पढ़ाई करने को कहा गया. मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय अचानक मोबाइल फोन में अश्लील तस्वीरें, फोटो, वीडियो आ जाते हैं. जिससे बच्चे प्रभावित होते हैं. कोई भी माता-पिता नहीं चाहेंगे कि उनके बच्चों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़े.
संसद में कानून बनाकर इसे रोका जाना चाहिए. इसे सख्ती से रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा उचित कदम उठाए जाने चाहिए.




