घुग्घुस : शहर में पिछले एक महीने से अवैध कारोबार चरम सीमा पर पहुंच गया है. शहर भर से तस्करों द्वारा कोयले की तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है. घुग्घुस न्यू रेलवे साइडिंग, जीओसी टॉवर, नकोड़ा राम मंदिर के पास, आरआर चौक के पास स्थित एक विहार के पास से खुले आम कोयले की चोरी हो रही है. यहां से ट्रैक्टर, पिक-अप और ट्रकों की मदद से कोयले की तस्करी 24 घंटे की जा रही है. इस कोयले को काटा करने के लिए पुराने दो नंबर, नए दो नंबर, नकोड़ा समेत अन्य जगहों पर कांटे लगाए गए हैं. इस मामले में शनिवार की रात को वेकोली सुरक्षा गार्डों की सतर्कता से अवैध कोयले की खेप पकड़ी गईं. जिसके बाद नागरिकों द्वारा खुफिया, रेलवे, विभिन्न विशेष बलों और अन्य के खिलाफ थिकी आलोचना की जा रही है.

जप्त कोयला लेजाते हुए
सूत्रों के अनुसार घुग्घुस में रहने वाला एक स्क्रैप व्यवसायी और लोहा चोर इन दिनों शहर में अवैध कार्यों में नज़र आ रहा है. कबाड़ के अलावा यह कबाडडी कोयले की तस्करी में गडचांदुर, घुग्घुस और नकोड़ा के सीमा क्षेत्र से सटे इलाकों में काफी लोकप्रिय हो गया है. बड़े पैमाने पर इस कारोबारी द्वारा संबंधित अधिकारियों की सहयोग से क्षेत्र में बच्चे, महीला, युवा और बुजुर्ग से चंद रुपयों का लालच दिखा कर कोयला चोरी करवा रहा है. इस संदर्भ में कई बार मिडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से इस अवैध तस्करी को रोकने के लिए जिला पालक मंत्री, एसपी, एलसीबी, एसडीपीओ व अन्य विभागीय टीम के अधिकारी को अवगत कराने का प्रयास किया गया है. परंतु इस कबाड़ी पर शासन प्रशासन के अधिकारी मेहरबान क्यों है को लेकर अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है? कई ऐसा तो नहीं की सभी लोग इस व्यवसाय में पार्टनर शिप में है?




