1.83 किलो गांजा और मोपेड समेत ₹1.31 लाख का माल जब्त; घुग्घूस व आसपास के अवैध धंधों पर कार्रवाई कब?
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस, चंद्रपुर : घुग्घूस पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1.830 किलोग्राम गांजा जब्त कर एक विधि संघर्षग्रस्त बालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां नशे के कारोबारियों में खलबली मची है, वहीं घुग्घूस और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध कारोबारों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को चंद्रपुर-घुग्घूस मार्ग पर शेणगाव फाटा से करीब 4 किलोमीटर पूर्व नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर सफेद रंग की मोपेड को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में 1.830 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत ₹91,500, बरामद हुआ। इसके अलावा बिना नंबर की पुरानी सफेद रंग की मोपेड, जिसकी अनुमानित कीमत ₹40,000 बताई गई है, भी जब्त की गई। पुलिस ने कुल ₹1,31,500 का माल जब्त किया है।
इस मामले में घुग्घूस पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 273/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के साथ बाल न्याय कानून की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

एक कार्रवाई ने कई सवाल खड़े किए
घुग्घूस पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है। खासकर तब, जब नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई की। लेकिन इसी कार्रवाई के बाद अब नागरिकों के बीच एक बड़ा सवाल चर्चा में है—जब एक विश्वसनीय सूचना पर गांजा परिवहन करने वाले के खिलाफ इतनी तेजी से कार्रवाई हो सकती है, तो घुग्घूस शहर और आसपास के गांवों में चल रहे अन्य कथित अवैध कारोबारों पर कार्रवाई कब होगी?
घुग्घूस क्षेत्र में बार, शॉप, रेस्टोरेंट तथा अन्य आस्थापनांमध्ये परवानगी और लाइसेंस से संबंधित नियमों का कथित उल्लंघन, निर्धारित समयापेक्षा अधिक समय तक व्यवसाय सुरू ठेवणे, तसेच अन्य अवैध गतिविधियों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नागरिकों की नजर अब सिर्फ गांजा तस्करी तक सीमित कार्रवाई पर नहीं, बल्कि अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क पर प्रशासन की भूमिका पर टिकी है।
क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिकायतें, पंचनामे और कागजी कार्रवाई के बाद मामला शांत हो जाएगा, या फिर वास्तव में जमीनी स्तर पर भी कार्रवाई दिखाई देगी?
यदि पुलिस को किसी अवैध गतिविधि की विश्वसनीय जानकारी मिलती है और उस आधार पर तत्काल कार्रवाई संभव है, तो फिर अन्य कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी संबंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? पुलिस, आबकारी विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और नगर परिषद जैसे संबंधित विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई की जरूरत अब नागरिक महसूस कर रहे हैं।
गांजा कार्रवाई से जगी उम्मीद
घुग्घूस पुलिस की इस कार्रवाई से निश्चित रूप से यह उम्मीद जगी है कि नशे के साथ-साथ क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे कथित अवैध कारोबारों पर भी प्रशासन की नजर जाएगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह कार्रवाई एक अकेली घटना बनकर रह जाती है या घुग्घूस और आसपास के गांवों में अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत होती है।
नागरिकों का सीधा सवाल है—अगर गांजा परिवहन पर कार्रवाई हो सकती है, तो अवैध कारोबार पर लगाम कब लगेगी?




