प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस, चंद्रपुर : पिछले करीब 5-6 वर्षों से लंबित घुग्घूस के 30 बेड वाले सरकारी चिकित्सालय को लेकर प्रशासन अब सक्रिय नजर आ रहा है। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत ने निर्माणाधीन अस्पताल का निरीक्षण कर काम की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सहायक जिला शल्य चिकित्सक हेमचंद कन्नके, जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा अस्पताल शुरू होने में हो रही देरी को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर जिलाधिकारी वसुमना पंत ने बताया कि इलेक्ट्रिकल ऑडिट और फायर NOC नहीं मिलने के कारण अस्पताल का काम अटका हुआ है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यक कार्यवाही पूरी कर 10 दिनों के भीतर काम पूर्ण किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो एक महीने के भीतर, यानी 1 अक्टूबर 2026 तक अस्पताल का उद्घाटन अथवा कम से कम बेसिक ट्रीटमेंट सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

नगर परिषद का दर्जा मिला, लेकिन स्वास्थ्य सुविधा अब भी अधूरी
घुग्घूस को नगर परिषद का दर्जा मिले करीब पांच वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद शहर की बड़ी आबादी को आज भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए चंद्रपुर जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, ऑपरेशन, एक्स-रे, स्कैन, पोस्टमार्टम (PM) तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाओं के लिए मरीजों और उनके परिजनों को चंद्रपुर जाना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि घुग्घूस में प्रस्तावित 30 बेड का सरकारी अस्पताल पूरी तरह शुरू हो जाता है, तो इससे घुग्घूस के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
राजनीतिक समीकरणों के बावजूद मूलभूत स्वास्थ्य सुविधा का इंतजार
घुग्घूस में अस्पताल को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय स्तर पर नगर परिषद में कांग्रेस की सत्ता है, क्षेत्रीय विधायक भाजपा से हैं, जबकि राज्य और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद नागरिकों का सवाल है कि जब सभी स्तरों पर जनप्रतिनिधित्व और सरकार मौजूद है, तो वर्षों से लंबित मूलभूत स्वास्थ्य सुविधा आखिर कब पूरी तरह जनता के लिए उपलब्ध होगी?
अब जिलाधिकारी के निरीक्षण और 10 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश के बाद नागरिकों की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल में वास्तविक उपचार सुविधा शुरू होने का इंतजार है।
क्या 1 अक्टूबर तक मिलेगी घुग्घूस को स्वास्थ्य सुविधा?
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब संबंधित विभागों के सामने समयबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिकल ऑडिट, फायर NOC और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की चुनौती है। यदि प्रशासन अपने तय समय के अनुसार कार्य पूरा करता है, तो 1 अक्टूबर 2026 तक घुग्घूस के नागरिकों को वर्षों से प्रतीक्षित सरकारी अस्पताल की सुविधा मिल सकती है।
अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी वसुमना पंत के सख्त निर्देशों के बाद अस्पताल की फाइल वास्तव में आगे बढ़ती है या फिर यह मामला एक बार फिर कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाता है। स्थानीय नागरिकों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।




