मुख्य मार्ग पर वर्षों से लटक रही लापरवाही, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर : अमराई प्रभाग क्रमांक 11 के मुख्य सड़क मार्ग पर पिछले कई दिनों से एक भारी-भरकम HVDC लाइन का तार जमीन पर पड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों में भय और नाराजगी का माहौल है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह तार महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी (MSEDCL) की विद्युत लाइन के बेहद नजदीक स्थित बताया जा रहा है, फिर भी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस ओर गंभीरता दिखाता नजर नहीं आ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह लाइन पिछले दो-तीन वर्षों से बंद पड़ी है, लेकिन उसका तार आज भी सड़क किनारे और कई स्थानों पर जमीन से सटा हुआ दिखाई देता है। यदि यह तार पूरी तरह निष्क्रिय है तो इसे हटाने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई? और यदि इसमें किसी प्रकार का विद्युत प्रवाह होने की संभावना है, तो यह स्थिति और भी अधिक खतरनाक बन जाती है।
यह मार्ग एसीसी, तिलकनगर, अमराई, बहादे लेआउट और आसपास की बस्तियों को जोड़ने वाला अत्यंत व्यस्त मार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया वाहन चालक, पैदल यात्री, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर पड़ा विशाल तार किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्युत विभाग, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर इतने लंबे समय से सड़क पर पड़े इस खतरे को हटाने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया?
लोगों का यह भी कहना है कि केवल चुनाव के समय विकास और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब आम नागरिकों की सुरक्षा का प्रश्न सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी आंखें मूंद लेते हैं। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर सेवक, नगर सेविका तथा संबंधित विभाग के अधिकारी तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करें, तार को सुरक्षित रूप से हटाने की व्यवस्था करें तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च स्तर पर प्रस्ताव और आवेदन भेजें। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
खबर लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि क्षेत्र के नागरिकों ने इस मामले को गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन हादसे का इंतजार करता है या फिर नागरिकों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाता है।




