नई दिल्ली – राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। उन्हें कुल 452 मत प्राप्त हुए।
चुनाव आयोग के अनुसार, उपराष्ट्रपति पद के लिए कुल 781 निर्वाचक थे, जिनमें से 767 ने मतदान किया। इनमें से 15 मत अमान्य पाए गए। इस प्रकार 752 मान्य मतों में से 452 मत एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के पक्ष में पड़े, जबकि 300 मत विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के उम्मीदवार को मिले।
इस जीत के साथ ही सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति पद का गौरव हासिल किया है। वे देश के 14वें उपराष्ट्रपति होंगे।
राजनीतिक जीवन और उपलब्धियाँ
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 4 अप्रैल 1957 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वे दो बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। संसद में उन्होंने विभिन्न समितियों पर काम करते हुए शिक्षा, उद्योग और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाया।
भाजपा संगठन में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने पार्टी को दक्षिण भारत में मज़बूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा वे सामाजिक कार्यों और शैक्षिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।
2023 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने शिक्षा सुधार, कौशल विकास और ग्रामीण उत्थान की दिशा में पहल की।
अब उपराष्ट्रपति पद पर उनकी नियुक्ति को देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।





