(प्रणयकुमार बंडी)
पुणे : देश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब बोतलबंद पानी के कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। महाराष्ट्र बोतलबंद पानी निर्माता संघ द्वारा जारी एक पत्र (दिनांक 10 मार्च 2026) में बताया गया है कि बाजार में कच्चे माल, पैकिंग सामग्री और परिवहन खर्च में भारी बढ़ोतरी के कारण पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
संघ के अनुसार पिछले कुछ समय में पैकेजिंग से जुड़े कई प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में तेज उछाल आया है। प्रीफॉर्म की कीमत ₹115 प्रति किलो से बढ़कर ₹170 प्रति किलो हो गई है, जबकि कैप की कीमत ₹0.20 प्रति नग से बढ़कर ₹0.45 प्रति नग पहुंच गई है। इसी तरह लेबल ₹300 प्रति किलो से बढ़कर ₹430 प्रति किलो, पुश बॉक्स ₹11 से बढ़कर ₹14 प्रति नग, श्रिंक फिल्म ₹118 से बढ़कर ₹180 प्रति किलो और पैकिंग टेप ₹280 से बढ़कर ₹400 तक पहुंच गया है।
संघ का कहना है कि इन सभी कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के उत्पादन खर्च में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी वजह से 6 मार्च 2026 से पानी के प्रत्येक बॉक्स की कीमत में ₹10 की वृद्धि की गई थी। हालांकि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए 10 मार्च 2026 से प्रति बॉक्स अतिरिक्त ₹15 और बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
इस तरह अब कुल मिलाकर पानी के एक बॉक्स पर ₹25 की दर वृद्धि लागू हो गई है, जिसका सीधा असर वितरकों और ग्राहकों दोनों पर पड़ने वाला है।
सूत्रों का कहना है कि यदि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल तथा पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में बोतलबंद पानी की कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
संघ ने सभी वितरकों और ग्राहकों से इस बदलाव को समझने और सहयोग करने की अपील की है।




