अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में एक ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। करीब 189 वर्षों बाद ‘हेन्केलिया मोनोफिला’ नामक दुर्लभ वनस्पति प्रजाति को फिर से खोजा गया है। यह खोज भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India) के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह प्रजाति लंबे समय से लुप्त मानी जा रही थी। लोहित जिले के घने और जैव विविधता से भरपूर क्षेत्रों में वैज्ञानिकों ने इसे पुनः खोजकर वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस खोज पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राज्य की अद्वितीय जैव विविधता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की खोज न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर वनस्पति ज्ञान को भी समृद्ध करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘हेन्केलिया मोनोफिला’ जैसी दुर्लभ प्रजातियों की पुनः खोज से जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा मिलती है। साथ ही, यह संकेत भी मिलता है कि पूर्वोत्तर भारत के जंगल अब भी कई अनछुए और वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण रहस्यों को समेटे हुए हैं।
यह खोज पर्यावरण संरक्षण और वनस्पति अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।




