प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर: शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि जिला प्रशासन जल्द ही एक व्यापक और सुनियोजित विशेष जांच अभियान शुरू करे, जिससे तंबाकू उत्पादों के अवैध उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला सामान्य अस्पताल के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत घुग्घुस पुलिस स्टेशन, घुग्घुस नगर परिषद तथा चंद्रपुर की विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के संयुक्त दल द्वारा शहर की मुख्य बाजारपेठ, मुख्य सड़क, प्रमुख चौक, बस स्टॉप क्षेत्र, नगर परिषद कार्यालय परिसर, हिंदी एवं मराठी विद्यालयों के आसपास और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाए जाने की आवश्यकता जताई गई है।
इस प्रस्तावित अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA Act) के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अधिनियम की धारा 4 के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि धारा 6(अ) के तहत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना दंडनीय अपराध है। साथ ही, किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह निषिद्ध है।
सूत्रों का कहना है कि यदि यह अभियान लागू किया जाता है, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, विक्रेताओं और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें मौके पर जुर्माना वसूली, लाइसेंस की जांच, और आवश्यक होने पर अन्य वैधानिक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार की नियमित और सख्त कार्रवाई से न केवल कानून का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि युवाओं और आम जनता में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यह अभियान केवल एक बार तक सीमित न रहकर निरंतर चलाया जाए, ताकि शहर में स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण कायम किया जा सके।




