Tuesday, July 14, 2026

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शिव काल के शस्त्रों की प्रदर्शनी, जनता राजा महानाट्य ने गतिविधियों की शुरुआत की

मुंबई : छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्य एक रयत साम्राज्य था. उन्होंने आम लोगों के हित में फैसले लिए. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सांस्कृतिक कार्य विभाग उनके विचारों को जगाने और छत्रपति शिवाजी महाराज के समय की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए दुनिया भर से शिव काल के साहित्य और वस्तुओं को एकत्र करेगा. राज्य सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस समारोह के 350वें वर्ष के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. इसकी शुरुआत गेटवे ऑफ इंडिया पर मुख्यमंत्री शिंदे ने किया था.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिवकालीन शस्त्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया. वन, सांस्कृतिक मामले और मत्स्य राज्य मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, सपना मुनगंटीवार, सांस्कृतिक कार्य विभाग के निदेशक विभीषण चावरे, पुरातत्व विभाग के निदेशक तेजस गर्ग, उप सचिव विलास थोराट, श्रीनिवास वीरकर, विनीत कुबेर आदि मौजूद थे.

पहले दिन महानाट्य: ‘जनता राजा’ का प्रदर्शन किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री शिंदे, मंत्री मुनगंटीवार ने शस्त्र प्रदर्शन का निरीक्षण कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कलाकारों द्वारा किए गए मार्शल आर्ट प्रदर्शनों की भी सराहना की. इस मौके पर मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज बेहद कुशल संगठनकर्ता और प्रशासक थे. शिवाजी महाराज द्वारा बनवाए गए किलों और किलों को देखकर इसका प्रमाण मिलता है. शिवाजी महाराज ने रयतों की देखभाल की. उनके राज्याभिषेक के 350 वर्ष बीत चुके हैं. इस अवसर पर दो जून शुक्रवार को रायगढ़ किले में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यह महाराष्ट्र के लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक समारोह के अवसर पर वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था. इस अवसर पर उन्होंने सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा की जा रही अभिनव गतिविधियों एवं इस विभाग के मंत्री मुनगंटीवार की सराहना की.

मंत्री मुनगंटीवार ने कहा कि शिव राज्याभिषेक समारोह दो जून को रायगढ़ दुर्ग में शुरू होगा. इस समारोह में प्रदेश की 1 हजार 108 नदियों और जलाशयों का जल से अभिषेक किया जाएगा. छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा इस्तेमाल की गई वाघनखे और जगदंबा तलवार को वापस लाने के प्रयास जारी हैं. तदनुसार, ब्रिटिश सरकार बाघ को दर्शन के लिए देने पर सहमत हो गई है. इसके अलावा इस काल में छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके सेनापतियों पर आधारित डाक टिकट प्रकाशित करने का प्रयास है. इसकी योजना बनाई गई है. इसके अलावा राज्य भर में महानाट्य ‘जनता राजा’ का प्रयोग किया जाएगा. छत्रपति शिवाजी महाराज पर सर्वश्रेष्ठ दस फिल्मों का एक समारोह आयोजित किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि इन विभिन्न माध्यमों से छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

शिव काल के शस्त्रों का प्रदर्शन :

शिव के राज्याभिषेक समारोह के 350वें वर्ष के अवसर पर राज्य सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय ने गेटवे ऑफ इंडिया के क्षेत्र में शिव काली शस्त्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया है. इसका उद्घाटन भी मुख्यमंत्री शिंदे ने किया था. इस प्रदर्शनी में तलवार, बेल्ट, खंजर, गूजर, भाला, कटार, कवच, बंदूक जैसे पुराने जमाने के चार सौ से अधिक हथियार नागरिकों को देखने के लिए उपलब्ध कराये गये हैं. 2 से 6 जून 2023 तक गेटवे ऑफ इंडिया के कोर में शिव काल के शस्त्रों की प्रदर्शनी और शस्त्र प्रयोग के प्रदर्शन प्रदर्शित किए जाएंगे. इसके अलावा दिन में चार बार मार्शल आर्ट प्रस्तुति व हथियारों की जानकारी दी जाएगी. साथ ही राजस्थानी लोक कला की प्रस्तुति 2 जून, महाराष्ट्र लोक कला की प्रस्तुति 3 शनिवार और रविवार 4 जून, गोवा और गुजरात राज्यों की लोक कला की प्रस्तुति सोमवार 5 से बुधवार 7 जून 2023 तक होगी.

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