मुंबई : जापान और महाराष्ट्र के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग भारत-जापान के सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत करेगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि जापान के पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में निवेश और उद्योग का स्वागत किया जाएगा.
भारत में जापान के राजदूत सुजुकी हिरोशी सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने 1 मई को मुख्यमंत्री शिंदे के साथ सद्भावना बैठक की. सहयाद्री स्टेट गेस्ट हाउस में इस बैठक के दौरान भारत में जापान के दूतावास की मंत्री हुकुगो क्योको, होमा मयू, दूतावास के सचिव उसामी कोइची, मुंबई में महावाणिज्य दूतावास के प्रमुख फुकाहोरी यासुकाता, राजनीतिक सलाहकार विवेक कुलकर्णी के साथ-साथ राज्य प्रमुख बैठक में सचिव मनोज सौनिक, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव भूषण गगरानी, मुख्य रॉयल शिष्टाचार अधिकारी एवं रॉयल शिष्टाचार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा म्हैस्कर-पाटनकर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बृजेश सिंह, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. हर्षदीप कांबले आदि मौजूद थे.
इस चर्चा में मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि भारत और जापान के बीच व्यापारिक संबंध अच्छे हैं. इसने दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में अच्छी साझेदारी बनाई है. महाराष्ट्र भारत का एक अग्रणी राज्य है. उद्योग और निवेश के मामले में महाराष्ट्र में काफी संभावनाएं हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए समर्थन मिलता है. हमने अब बुलेट ट्रेन परियोजना को उसी गति से गति दी है. जापान के पास आधुनिक तकनीक है. इसलिए हमारे पास कुशल जनशक्ति है. इसलिए अगर हम साथ आएं तो बड़ा बदलाव ला सकते हैं. हमने भारत में सबसे लंबे समुद्री पुल MTHL का निर्माण करके इसे प्रदर्शित किया है. महाराष्ट्र के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और परियोजनाओं में जापान का सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के सहयोग से हम मुंबई को दुनिया के बेहतरीन शहरों में से एक बना सकते हैं.
यह कहते हुए कि महाराष्ट्र में पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में निवेश और उद्योग के अवसरों के लिए जापान का स्वागत किया जाएगा, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बौद्ध सर्किट अवधारणा के तहत महाराष्ट्र में अजंता गुफाओं के क्षेत्र में एक पर्यटक सुविधा स्थापित की गई है. साथ ही राज्य के विधायकों ने कहा कि उन्होंने हाल ही में जापान का दौरा किया था और विभिन्न क्षेत्रों के बारे में उपयोगी जानकारी प्राप्त की थी.




