(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस (चंद्रपुर): घुग्घुस के शास्त्रीनगर प्रभाग क्र. 01 में उस समय हड़कंप मच गया, जब नल से आने वाले पानी के साथ सांप का जिंदा बच्चा निकल आया। इस घटना ने इलाके में वेकोली द्वारा की जा रही जलापूर्ति व्यवस्था की पोल खोल दी है और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार शास्त्रीनगर निवासी कृष्णा कोंडय्या कादासी (33) ने घुग्घुस पुलिस स्टेशन में लिखित आवेदन देकर बताया कि उनके पिता वेकोली (WCL) निलजाई में डंपर ऑपरेटर थे और वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हुए। तब से उनका परिवार शास्त्रीनगर के क्वॉर्टर क्रमांक 165 में रह रहा है।
आरोप है कि पूरे परिसर में वेकोली द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन यह पाइपलाइन करीब 35 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह पाइपलाइन फटी होने के कारण नाली का गंदा पानी, कचरा और जीव-जंतु पानी के साथ घरों तक पहुंच रहे हैं।
बताया गया कि 5 मार्च 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे जब कृष्णा कादासी घर में बाल्टी में पानी भर रहे थे, तभी पाइपलाइन से निकलकर सांप का जिंदा बच्चा सीधे बाल्टी में गिर पड़ा। यह देखकर परिवार और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
घटना की जानकारी तुरंत वार्ड सदस्य रविश सिंह को फोन पर दी गई। इसके बाद रविश सिंह और वार्ड के अन्य नागरिक वेकोली के सब एरिया कार्यालय पहुंचे और संबंधित अधिकारी से मुलाकात कर पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर वेकोली के अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन हर बार मामला टाल दिया गया।
हालांकि इस बार घुग्घुस नगर परिषद के नगरसेवक रविश सिंह द्वारा दिखाई गई एकजुटता इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शास्त्रीनगर के वार्डवासियों को इस बार न्याय मिलेगा, या फिर हर बार की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा।
फिलहाल इलाके के लोग साफ पानी और सुरक्षित जलापूर्ति की मांग को लेकर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।




