(प्रणयकुमार बंडी)
चंद्रपुर : घुग्घुस नगर परिषद के प्रभाग क्रमांक 01 अंतर्गत दलित बस्ती शास्त्री नगर, आंबेडकर नगर और शिवनगर के नागरिक लंबे समय से नगर परिषद कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का दंश झेल रहे हैं। टूटी नालियां, जर्जर पाइपलाइन, बदहाल सड़कें और उपेक्षित सार्वजनिक स्थल—इन समस्याओं ने क्षेत्रवासियों का जीवन मुश्किल बना दिया है।
स्थानीय नागरिकों द्वारा समय-समय पर शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता गया। नवनियुक्त नगर सेवक तथा नियोजन, विकास व सांस्कृतिक सभापति रवीश विनय सिंग को भी इस विषय में लगातार अवगत कराया जाता रहा। अंततः 12 फरवरी 2026 को रवीश सिंग संबंधित अधिकारियों—जुनगरे और कोमलवर—को साथ लेकर प्रभाग का दौरा करने पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान राहुल यदुवंशी, श्रीनिवास गोसकुला, बालू चिकनकर, बंटी गोरपाडे, चंद्रप्रकाश गोहोकर (ठेकेदार), चंद्रपुर से आई आर्किटेक्चर टीम तथा सामाजिक कार्यकर्ता प्रणयकुमार बंडी सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान रवीश सिंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए समुचित खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने खेल साहित्य, योगा संरचना, वॉलीबॉल सेटअप, समुचित खेल मैदान, बुजुर्गों के लिए नेचुरल वॉकिंग ट्रैक, हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण, साफ-सुथरा और आकर्षक ग्राउंड विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही नालियों की सफाई व मरम्मत, पाइपलाइन समस्या का त्वरित समाधान और शास्त्री नगर स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण के साथ छोटे-बड़े सामाजिक कार्यक्रमों के लिए हॉल निर्माण की आवश्यकता भी रेखांकित की।
हालांकि सवाल यह उठता है कि जब समस्याएं वर्षों से बनी हुई थीं, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारी और प्रतिनिधि क्यों मौन थे? वास्तव में दलित बस्तियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा?
प्रभाग क्रमांक 01 की यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शहर के कुछ हिस्से आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।




