नई दिल्ली – मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। यह पिछले पांच तिमाहियों में सबसे अधिक वृद्धि दर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग, सेवाओं के क्षेत्र में तेजी और उद्योगों के बेहतर प्रदर्शन की वजह से यह उछाल देखने को मिला है। सरकार का कहना है कि यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक चुनौतियों के बीच उसकी स्थिरता को दर्शाती है।
आर्थिक जानकारों का अनुमान है कि आगामी तिमाहियों में भी निवेश और उपभोग की रफ्तार बनी रही तो विकास दर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, 7.8% की GDP वृद्धि ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है और इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखा है।





