Friday, April 24, 2026

Breathe of Life Multipurpose Society UCO BANK- A/C- 09110110049020, IFSC : UCBA0000911, MICR CODE : 442028501

spot_img
spot_img

घुग्घुस में फल व्यापार की रौनक, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल

प्रणयकुमार बंडी

घुग्घुस, चंद्रपुर : घुग्घुस पुलिस स्टेशन के सामने इन दिनों फलों की दुकानों का तेजी से बढ़ता व्यापार इलाके को एक नए ‘हॉटस्पॉट’ में बदल रहा है। सस्ते दाम और बेहतर गुणवत्ता के चलते यहां ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिससे यह स्थान अब शहर का एक प्रमुख आकर्षण और सेंटर प्वाइंट बन चुका है।

लेकिन इस चमक के पीछे कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं—खासकर सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर।

जिस मार्ग पर ये दुकानें लगी हैं, वहां नगर परिषद कार्यालय, बैंक, बस स्टैंड, कृषि केंद्र, ऑटो स्टैंड, सरकारी अस्पताल, सब्जी मार्केट, चिकन-मटन-मछली बाजार, स्कूल, सीमेंट और आयरन कंपनियां, गैरेज, लोहार दुकानें और रेलवे गेट जैसे महत्वपूर्ण स्थान बेहद नजदीक हैं। ऐसे में यहां बढ़ती भीड़ और अनियोजित दुकानें किसी भी वक्त दुर्घटना को न्योता दे सकती हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन छोटे व्यापारियों और यहां आने वाले हजारों ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है? नगर परिषद द्वारा वसूली तो ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही है, लेकिन बदले में सुरक्षा, व्यवस्थापन और बुनियादी सुविधाएं कहां हैं?

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगराध्यक्ष, सभापति, नगर सेवक और नगर सेविकाएं केवल राजनैतिक बयानबाजी तक सीमित हैं। जमीन पर सुरक्षा के नाम पर न तो ट्रैफिक कंट्रोल है और न ही कोई स्पष्ट योजना।

दूसरी ओर, आरटीओ विभाग, यातायात पुलिस और घुग्घुस पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश का समय निर्धारित है या नहीं? अगर है, तो क्या उसका पालन हो रहा है या वह सिर्फ कागजों तक ही सीमित है?

हकीकत यह है कि दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क किनारे फैला व्यापार मिलकर एक खतरनाक स्थिति पैदा कर रहे हैं। छोटे दुकानदार और आम नागरिक इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा खामियाजा भुगत रहे हैं।

अब जनता जानना चाहती है—क्या कानून का डंडा सिर्फ कमजोरों पर ही चलेगा? या फिर बड़े ट्रांसपोर्टरों और प्रभावशाली लोगों को ‘व्यापार और विकास’ के नाम पर संरक्षण मिलता रहेगा?

घुग्घुस की यह तस्वीर सिर्फ एक बाजार की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की है जहां राजस्व तो लिया जाता है, लेकिन जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया जाता है।

अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह ‘फल बाजार’ किसी बड़े हादसे की खबर भी बन सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन जागता है या फिर यह मुद्दा भी खोखली राजनीति की भेंट चढ़ जाता है।

spot_img

Pranaykumar Bandi

WhatsApp No - 9112388440
WhatsApp No - 9096362611
Email id: vartamanvarta1@gmail.com

RELATED ARTICLES
Today News

Breaking News

Crime News