प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर – क्षेत्र के नागरिकों को इन दिनों घुग्घुस-वणी-म्हातारदेवी मार्ग पर भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन पुलिया क्षेत्र में वाहन चालकों की मुजोरी और मनमानी से आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। “झुकेगा नहीं” की तर्ज पर छोटे-बड़े वाहन चालक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
इस जाम का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ रहा है। लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और उन्हें मानसिक व आर्थिक दोनों तरह से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोग प्रशासन पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। घुग्घुस पुलिस, नगर परिषद, RTO चंद्रपुर, PWD और यहां तक कि SP कार्यालय तक की निष्क्रियता को लेकर जनता में गुस्सा है। अधिकारी और ठेकेदार की भूमिका संदेह के घेरे में है। कई बार मीडिया रिपोर्ट, सोशल मीडिया पोस्ट, निवेदन व ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।
एक और बड़ी समस्या यह है कि उक्त मार्ग का कोई वैकल्पिक रास्ता मौजूद नहीं है। इसका मतलब यह है कि आम जनता के पास जाम से बचने का कोई दूसरा उपाय नहीं है। मानो नियमों का खुलेआम उल्लंघन ही इस इलाके की पहचान बन चुकी हो।
प्रश्न अब केवल ट्रैफिक जाम तक सीमित नहीं रह गया है, यह प्रशासनिक उदासीनता, ठेकेदार की कार्यशैली, और राजनेताओं की भूमिका पर भी उठने लगे हैं। नागरिक यह जानना चाहते हैं कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, क्षेत्रीय विधायक, WCL और रेलवे विभाग इस गंभीर स्थिति पर क्यों चुप हैं? क्या यह नागरिकों के धैर्य की परीक्षा है या सरकारी तंत्र की विफलता?
जनता की मांग है कि तत्काल प्रभाव से संबंधित विभाग हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान करें, कार्य को गति दें और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। अन्यथा, जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर सकता है।




