घुग्घुस (चंद्रपुर) : सूत्रों के अनुसार, घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय के अंतर्गत बैरनबाबा मंदिर, नायब तहसील कार्यालय और कृष्णा नगर (माता मंदिर के पीछे) जैसे प्रमुख स्थानों पर वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) वणी क्षेत्र द्वारा लाखों रुपए खर्च कर RO वॉटर प्लांट लगाए गए थे। इनका उद्देश्य था कि स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और राहगीरों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सके। लेकिन यह अत्यंत दुःखद है कि आज ये प्लांट अनुपयोगी और अर्थहीन स्थिति में पड़े हुए हैं।
जनता को झेलनी पड़ रही है पानी की किल्लत
इन क्षेत्रों में लगे प्लांट चालू न होने के कारण आम लोगों को कई सौ मीटर दूर स्थित घुग्घुस नगर परिषद के RO वॉटर प्लांट या निजी प्लांट्स पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण भी है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लाखों की योजनाएं धरातल पर नज़र नहीं आ रही हैं।
बैरनबाबा मंदिर – श्रद्धा का केंद्र, सुविधा से वंचित
WCL वणी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बैरनबाबा मंदिर एक ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। दूर-दूर से भक्त यहां मन्नतें लेकर आते हैं और मनोकामनाएं पूरी होने पर पकवान बनाकर पूजा-अर्चना करते हैं। लेकिन यहां पीने के पानी की अनुपलब्धता के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
नायब तहसील कार्यालय – भीड़भाड़ वाला प्रशासनिक क्षेत्र
यह सरकारी कार्यालय परिसर है जहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिकृति स्थित है। यहां नियमित रूप से अनुयायी धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एकत्रित होते हैं। इसके पास ही छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और बैंक ऑफ इंडिया जैसे महत्वपूर्ण स्थल स्थित हैं। यहां व्यापारी वर्ग और आम नागरिकों की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है, फिर भी स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है।
कृष्णा नगर – घनी आबादी और पानी की गंभीर समस्या
माता मंदिर के पीछे स्थित कृष्णा नगर एक घना रिहायशी इलाका है, जिसे एक पॉश और विकसित क्षेत्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं, लेकिन स्वच्छ पीने के पानी की भारी किल्लत है। इस क्षेत्र के नागरिक घुग्घुस बस स्टॉप चौक पर स्थित नगर परिषद के RO प्लांट पर निर्भर हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग
इस गंभीर समस्या को देखते हुए घुग्घुस नगर परिषद के मुख्याधिकारी, WCL वणी क्षेत्र के GM, CGM, CMD, साथ ही चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और सांसद को इस दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि इन योजनाओं में कोई अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
जनहित में ठोस निर्णय की आवश्यकता
स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रखना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही इस समस्या का समाधान निकालते हुए जनहित में ठोस निर्णय लेना चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और योजनाओं का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।




