Sunday, August 23, 2026

Breathe of Life Multipurpose Society UCO BANK- A/C- 09110110049020, IFSC : UCBA0000911, MICR CODE : 442028501

spot_img
spot_img

सावली पुलिस द्वारा मनसे पदाधिकारियों पर झूठे आरोप? ट्रक चालक की साजिश या पुलिस-रेत व्यापारिक गठजोड़?

चंद्रपुर (महाराष्ट्र) – महाराष्ट्र नवनिर्माण कामगार सेने के पदाधिकारियों ने सावली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि उन्होंने झूठे तरीके से मनसे पदाधिकारियों पर मामला दर्ज किया, जबकि वे केवल एक शराब पीकर ट्रक चलाने वाले ड्राइवर को रोकने का प्रयास कर रहे थे।

दिनांक 7 अप्रैल 2025 को मनसे पदाधिकारी अमन अंधेवार, राजू कुकडे, महेश वासलवार और सुनील गुढे हिरापुर टोल नाके पर शाखा उद्घाटन के लिए गए थे। शाम 6:30 बजे के करीब लौटते समय खेडी फाटा के पास उन्हें एक हायवा ट्रक आड़ा-तिरछा चलता हुआ दिखाई दिया। मनसे पदाधिकारी महेश वासलवार ने ट्रक को रुकवाया क्योंकि ट्रक के गलत तरीके से चलने के कारण सामने दुर्घटना का खतरा था।

जैसे ही ड्राइवर ट्रक से बाहर निकला, उसकी हालत देखकर साफ हुआ कि वह शराब के नशे में था। इसके बाद मनसे पदाधिकारियों ने RTO निरीक्षक पायघन और सावली पुलिस स्टेशन के PSI मुसळे को फोन कर बुलाया। पुलिस घटनास्थल पर करीब पौन घंटे बाद पहुँची। इस बीच उसी ट्रक से टकराकर एक ऑटो पलट गया, जिसका चालक भी नशे में पाया गया।

मनसे पदाधिकारियों ने ऑटो चालक की मदद की और पुलिस के आने पर ड्राइवर व ट्रक को पुलिस स्टेशन भिजवाया गया। पुलिस ने उस समय मनसे पदाधिकारियों को कहा कि ड्राइवर पर “ड्रंक एंड ड्राइव” का मामला दर्ज किया जाएगा और वे जा सकते हैं। इसके बाद पदाधिकारी चंद्रपुर लौट गए।

लेकिन बाद में यह सामने आया कि सावली पुलिस ने ट्रक ड्राइवर पर दबाव डालकर, उसकी पिटाई करके, मनसे पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत पर जबरदस्ती दस्तखत करवाए और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए।

इस घटनाक्रम से नाराज मनसे पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक डॉ. दिलीप भुजबळ, मुख्यमंत्री व गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे, राज्य व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत पत्र सौंपा है और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गंभीर सवाल यह उठता है कि अगर मनसे पदाधिकारी दोषी थे, तो पुलिस ने उन्हें घटनास्थल से जाने क्यों दिया? क्या सावली पुलिस और रेत व्यापारियों के बीच कोई सांठगांठ है? अब मुख्यमंत्री और गृहमंत्री किसका पक्ष लेंगे – कानून की रक्षा करने वाले कार्यकर्ताओं का या नियम तोड़ने वाले रेत व्यापारी और उनके साथ मिली पुलिस का?

इस प्रकरण ने सावली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर चर्चा छिड़ गई है।

spot_img

Pranaykumar Bandi

WhatsApp No - 9112388440
WhatsApp No - 9096362611
Email id: vartamanvarta1@gmail.com

RELATED ARTICLES
Today News

Breaking News

Crime News