सत्र में की गई मांग ने निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया
मुंबई : एक ही तहसील कार्यालय के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों का कार्य होने से यहां अतिरिक्त तनाव रहता है. इसलिए विभिन्न योजनाओं का प्रमाणीकरण, परिवर्तन के मामले, नजूल क्षेत्र से संबंधित प्रश्न, सातबारा मार्ग, परिवर्तन, शिकायतों की सुनवाई, पुराने अभिलेखों का रखरखाव सभी प्रभावित होते हैं. इसलिए बजट सत्र में बोलते हुए विधायक किशोर जोर्गेवार ने मांग की है कि 4 लाख की आबादी वाले चंद्रपुर नगरपालिका क्षेत्र के लिए एक अलग तहसील कार्यालय बनाया जाए, साथ ही घुग्घूस और आस-पास के गांवों के लिए एक ऊपरी तहसील कार्यालय बनाया जाए.
मुंबई में चल रहे बजट सत्र में बजट मांगों पर चर्चा के लिए बोलते हुए विधायक किशोर जोर्गेवार ने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया. चंद्रपुर 500 साल पुराना शहर है. इसके बावजूद यहां की कई जमीनों को 30 साल के लिए लीज पर दिया गया था. बाद में उस लीज का नवीनीकरण किया जाएगा. लेकिन सरकार ने 5 फीसदी का भुगतान कर जमीन का मालिकाना हक तय किया. लेकिन चूंकि यह प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है, इसलिए नागरिक उस जगह के नक्शे को मंजूरी नहीं दे सकते हैं. कर्ज नहीं ले सकता. वे सरकारी योजनाओं से भी वंचित हैं. इसलिए इस मौके पर बोलते हुए विधायक किशोर जोर्गेवार ने मांग की है कि प्रशासन इस मसले को एक विशेष मामले के तहत सुलझाए.
घुग्घुस नगर परिषद में स्टेडियम बनाने की मांग की गई है. जगह की माप के लिए 94 हजार रुपए का भुगतान भी किया गया है. उन्होंने यह भी मांग की है कि यहां एक बेहतर स्टेडियम बनाने के लिए उक्त जमीन को तुरंत घुग्घुस नगर निगम को सौंप दिया जाए. चंद्रपुर में कई लेआउट हैं. यहां प्लॉट की गणना नहीं की जा सकती. इसलिए, पूरे लेआउट की गणना की जानी चाहिए और अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा. इसलिए विधायक किशोर जोर्गेवार ने भी मांग की है कि राजस्व मंत्री पहल करें और यह नियम बनाएं कि पूरे ले आउट की गिनती किए बिना केवल एक प्लॉट की गिनती की जा सकती है. विखंडन कानून के कारण नागरिकों द्वारा बनाए गए मकानों की गिनती नहीं की जा सकती है. यह बिकता नहीं है. लिहाजा 100 रुपये के स्टांप पेपर पर लाखों करोड़ रुपये का लेन-देन हो रहा है. इससे सरकार का राजस्व गिर रहा है और कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है. इस मामले को ध्यान में रखते हुए नगर निगम और नगर निगम क्षेत्रों में विखंडन कानून में ढील दी जानी चाहिए, ताकि निकट भविष्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव को देखते हुए प्रशासन पर दबाव कम किया जा सके. पदोन्नत एवं नायब तहसीलदारों के रिक्त 110 से 115 पदों को भरा जाए.
तडोबा टाइगर रिजर्व में चंद्रपुरकरों को सफारी के लिए रियायत दी जाए, पिछली सरकार ने 171 हेक्टेयर भूमि में 286 करोड़ की टाइगर सफारी और वन्यजीव बचाव केंद्र की घोषणा की थी. इस टाइगर सफारी को जल्दी शुरू किया जाना चाहिए, वन अधिकार के दावों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताडोबा के हर बाघ का एक अलग इतिहास है. पहले, यहां मरने वाले जानवरों को पक्षियों के अस्तित्व को बरकरार रखते हुए यहां दोहराया गया था. लेकिन अब यह बंद है. इसे एक बार फिर से शुरू करते हुए यहां एक सुंदर संग्रहालय शुरू किया जाना चाहिए, चंद्रपुर के रामबाग में एक जगह पर एक पारंपरिक खेल का मैदान बनाया जाना चाहिए, कपास की 1200 से अधिक बीज किस्में हैं. इतनी किस्मों के होते हुए भी उत्पादकता केवल 42 प्रतिशत ही है. इसलिए कृषि विभाग द्वारा मिट्टी परीक्षण कराकर पांच या 10 वान घोषित की जाए, ग्राम पंचायत कार्यालय में कृषि सहायक का कार्यालय उपलब्ध कराया जाए, चंद्रपुर जिले के स्थान पर कलेक्टर कार्यालय बनाया जा रहा है. शेष राशि इस कार्यालय के कार्य को पूर्ण करने के लिए दी जाए, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाए, वढा तीर्थक्षेत्र जाने वाली सड़क पर छोटे पुल निर्माण के लिए राशि प्रदान की जाए , विचोडा और म्हातारदेवी में छोटे पुल. इस अवसर पर बोलते हुए विधायक किशोर जोर्गेवार ने मांग की कि पुल और सड़कों का निर्माण किया जाना चाहिए.




