सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल भरवाने के दौरान वाहन की पेट्रोल टंकी के आसपास बड़ी संख्या में मधुमक्खियां जमा हो गईं। वीडियो के साथ यह भी कहा गया कि इथेनॉल की वजह से मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि, तथ्य-जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और निराधार पाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार वायरल वीडियो में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल संपादन तकनीकों का उपयोग कर दृश्य में फेरबदल किया गया था। वीडियो में दिखाई गई मधुमक्खियों का वास्तविक इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से कोई संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के कारण मधुमक्खियों के वाहन की पेट्रोल टंकी के आसपास आकर्षित होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इथेनॉल का उपयोग दुनिया के कई देशों में ईंधन मिश्रण के रूप में लंबे समय से किया जा रहा है और अब तक इस प्रकार की किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
फैक्ट-चेक करने वाली संस्थाओं ने भी लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और दावों को बिना सत्यापन के साझा न करें। AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के कारण फर्जी और भ्रामक सामग्री तैयार करना पहले की तुलना में आसान हो गया है, इसलिए किसी भी सनसनीखेज दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी जांच करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के संबंध में गलत जानकारी फैलाने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। नागरिकों को केवल विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।




