(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस (चंद्रपुर) : घुग्घुस शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। न ट्रैफिक पुलिस का खौफ, न नियमों का पालन — वाहन चालक सड़कों पर मनमाने तरीके से वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। विशेषकर श्री छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और RR चौक पर ट्रैफिक का हाल बेहाल है।
इन दोनों प्रमुख चौकों पर घुग्घुस पुलिस, लॉयड्स मेटल एंड एनर्जी कंपनी, ब्रिज निर्माण कंपनी और अन्य निजी दुकानदारों ने अपने-अपने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। मगर प्रशासन के शासनस्तरीय सीसीटीवी कैमरे मात्र शोपीस बने हुए हैं — ये कैमरे दुर्घटना के बाद ही ‘एक्टिव’ होते हैं, तब तक नुकसान हो चुका होता है।
ट्रैफिक पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में
शहर की ट्रैफिक पुलिस सिर्फ जाम लगने पर सक्रिय नज़र आती है। मगर सेंसलेस ड्राइविंग करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
सबसे बड़ी समस्या भारी वाहनों की है — 10 चक्का, 12 चक्का, 14 चक्का, 18 चक्का और 22 चक्का ट्रक चालक मनमाने ढंग से सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से निर्धारित है, मगर उसका उपयोग सिर्फ कागज़ों तक सीमित है।
स्थानीय नागरिकों की मांग
स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि घुग्घुस पुलिस थानेदार, डीबी पथक और ट्रैफिक विभाग अब मनमानी चलाने वाले चालकों पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाएंगे। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस विभाग जल्द ही

वाहन चालकों की पुलिस वेरिफिकेशन, पेंडिंग चालान की जांच, और कंपनियों में जाकर ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने जैसी कार्रवाइयां शुरू करेगा।
फिलहाल, जनता की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं — क्या घुग्घुस में ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर लौटेगी या ‘सेंसलेस ट्रैफिक’ का यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा?




