मुंबई : मंत्रालय सुरक्षा परियोजना को लागू किया जा रहा है। इस परियोजना के पहले चरण में चेहरे की पहचान पर आधारित प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, दूसरे चरण के तहत आगंतुक प्रबंधन प्रणाली (वीजीटर मैनेजमेंट सिस्टम) विकसित की गई है। अब मंत्रालय में किसी भी कार्य के लिए आने वाले क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी और आगंतुकों को “डिजीप्रवेश” नामक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से ही प्रवेश मिलेगा।
आगंतुकों को केवल उसी विभाग और मंजिल पर जाने की अनुमति होगी, जहां उनका कार्य होगा। यदि कोई आगंतुक अनधिकृत मंजिल पर जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगंतुकों को अपना कार्य समाप्त करने के बाद निर्धारित समय के भीतर मंत्रालय से बाहर निकलना होगा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग आगंतुकों को लाइन में खड़े होने में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए, उन्हें दोपहर 12 बजे प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद, उनके लिए अलग से कतार की व्यवस्था होगी। साथ ही, उन्हें संबंधित वैध प्रमाणपत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
मंत्रालय में प्रवेश करने के इच्छुक सभी आगंतुकों को दोपहर 2 बजे के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसके लिए उन्हें “डिजीप्रवेश” ऐप के जरिए ऑनलाइन प्रवेश पास लेना होगा। प्रवेश के लिए आधार कार्ड, वाहन लाइसेंस, पैन कार्ड आदि सरकार द्वारा मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जो लोग अशिक्षित हैं या जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए गार्डन गेट पर ऑनलाइन ऐप आधारित प्रवेश पंजीकरण और सहायता के लिए एक खिड़की उपलब्ध होगी।
“डिजीप्रवेश” ऐप के माध्यम से पंजीकरण करने के बाद, प्राप्त QR कोड को दिखाकर मंत्रालय के बाहर स्थित खिड़की से RFID कार्ड प्राप्त किया जाएगा। इस RFID कार्ड के जरिए सुरक्षा जांच के बाद ही मंत्रालय में प्रवेश दिया जाएगा। आगंतुकों को यह प्रवेश पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा और मंत्रालय से बाहर जाते समय इसे सुरक्षा कर्मियों को वापस करना होगा।




