Sunday, July 12, 2026

Breathe of Life Multipurpose Society UCO BANK- A/C- 09110110049020, IFSC : UCBA0000911, MICR CODE : 442028501

spot_img
spot_img

प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों पर भी दिया जाए ध्यान

प्रणयकुमार बंडी
चंद्रपुर :
जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति द्वारा संचालित कई सरकारी स्कूल अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं. छात्र-छात्राओं की लगातार घटती संख्या के कारण ये स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं. वहीं, दूसरी ओर, प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है.

प्रशासनिक अधिकारी, मंत्री, कलेक्टर और शिक्षा विभाग के अधिकारी जिस प्रकार नियमित रूप से प्राइवेट स्कूलों का दौरा करते हैं, उसी प्रकार सरकारी स्कूलों का भी दौरा किया जाना चाहिए. लेकिन अफसोस की बात यह है कि इन सरकारी संस्थानों की ओर प्रशासनिक उदासीनता स्पष्ट रूप से नजर आती है. इस लापरवाही का नतीजा यह है कि अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.

आम नागरिकों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ

सूत्रों के अनुसार, कई निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों को GR पेमेंट और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं कर रही हैं. छोटे किसान प्राकृतिक आपदाओं और बाजार में अस्थिरता के शिकार हो रहे हैं, जबकि व्यापारी भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. इन सबके बीच, निजी स्कूलों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही मनमानी फीस आम जनता के लिए आर्थिक बोझ बन गई है. शिक्षा के नाम पर प्राइवेट स्कूल अब एक व्यापार का रूप ले चुके हैं.

सरकारी सुविधाएं चाहिए, लेकिन सरकारी स्कूल नहीं?

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जो लोग सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक या नेता हैं, वे खुद तो सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं, लेकिन अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजते. इसके बजाय, वे निजी स्कूलों को प्राथमिकता देते हैं. यह एक गहरी सामाजिक विफलता को दर्शाता है, जहां सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है.

सरकारी स्कूलों को बढ़ावा देने की जरूरत

राज्य सरकार और केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि माता-पिता अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित हों. अगर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस ओर जाता है और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार किया जाता है, तो यह शिक्षा के व्यापारीकरण को रोकने में मदद करेगा और समाज के हर वर्ग के बच्चों को समान शिक्षा का अधिकार मिल सकेगा.

spot_img

Pranaykumar Bandi

WhatsApp No - 9112388440
WhatsApp No - 9096362611
Email id: vartamanvarta1@gmail.com

RELATED ARTICLES
Today News

Breaking News

Crime News